केरल में ओणम त्योहार के दौरान शराब की खपत में जबरदस्त वृद्धि होने की संभावना है। बेव्को (Bevco) के पिछले साल के आंकड़े बताते हैं कि बिक्री ₹970 करोड़ के पार पहुंच गई थी, और इस साल भी रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है।

  • ओणम के दौरान शराब की बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में भारी वृद्धि देखी गई है।
  • बेव्को (Bevco) ने पिछले सीजन में ₹970.74 करोड़ की बिक्री दर्ज की थी।
  • प्रशासन अवैध शराब और मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान चला रहा है।

केरल में आगामी ओणम उत्सव के साथ ही शराब की बिक्री में बड़े उछाल की संभावना जताई जा रही है। राज्य स्तरीय सरकारी एजेंसी, केरल स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन (Bevco), ने त्योहार के चरम पर पहुंचने से काफी पहले ही स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया है। पिछले वर्षों के रुझान बताते हैं कि त्योहारों के दौरान शराब की मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है, जो समाज में बदलते व्यवहार की ओर इशारा करती है।

बिक्री के आंकड़े और आर्थिक रुझान

आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि पिछले ओणम सीजन के दौरान बेव्को ने ₹970.74 करोड़ की शराब बेची थी, जबकि उससे पिछले वर्ष यह आंकड़ा ₹842.07 करोड़ था। इस बार, कॉर्पोरेशन को उम्मीद है कि बिक्री का यह आंकड़ा एक नया शिखर छुएगा। बेव्को के 289 आउटलेट पूरे राज्य में आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं, और सभी मूल्य श्रेणियों में मांग बढ़ने की उम्मीद है।

त्योहारों के दौरान शराब की बढ़ती खपत एक चिंताजनक सामाजिक प्रवृत्ति को दर्शाती है।

सामाजिक चिंताएं और विरोध

जहाँ एक ओर राजस्व बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर शराब विरोधी कार्यकर्ता इस प्रवृत्ति से गहरे चिंतित हैं। केरल मद्य निरोधना समिति के पूर्व महासचिव जेम्स मुट्टिकल का कहना है कि वर्षों के अभियानों के बावजूद समाज में शराब के प्रति आकर्षण कम नहीं हुआ है। कार्यकर्ता राज्य भर में शराब की दुकानों को बंद करने की मांग पर अडिग हैं।

प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा उपाय

बिक्री बढ़ने के साथ-साथ अपराध और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ जाते हैं। इसे देखते हुए, पुलिस और आबकारी विभाग ने नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। एर्नाकुलम के सहायक आबकारी आयुक्त (प्रवर्तन), ए.टी. जोबी ने बताया कि 1 अगस्त से एक विशेष अभियान शुरू किया गया है ताकि अवैध शराब बनाने और बेचने पर अंकुश लगाया जा सके, क्योंकि ओणम के दौरान ही राज्य में सबसे अधिक 'हूक' (अवैध शराब) त्रासदी हुई हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि केरल में त्योहारों का अर्थ अब केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक अवसर भी बन गया है, जो राज्य के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देता है, लेकिन साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियां भी पेश करता है।

Did You Know?: केरल में शराब की बिक्री का एक बड़ा हिस्सा सरकारी एकाधिकार वाली संस्था बेव्को के माध्यम से होता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: पिछले साल ओणम के दौरान बेव्को की कुल बिक्री कितनी थी?
उत्तर: पिछले ओणम सीजन के दौरान बेव्को ने ₹970.74 करोड़ की शराब बेची थी।

प्रश्न 2: प्रशासन अवैध शराब को रोकने के लिए क्या कदम उठा रहा है?
उत्तर: आबकारी विभाग अवैध शराब बनाने और बेचने को रोकने के लिए विशेष अभियान चला रहा है और ताड़ी के अड्डों पर निगरानी बढ़ा दी है।