दक्षिण कन्नड़ और उडुपी में 2.47 लाख मतदाताओं को नाम, उम्र या अन्य विवरणों में असंगतियों के कारण नोटिस भेजे जाएंगे। ये नोटिस 22 अक्टूबर तक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने और आपत्ति दर्ज करने का अवसर देंगे, जबकि अंतिम ड्राफ्ट रॉली 27 अक्टूबर को प्रकाशित होगी।

  • दक्षिण कन्नड़ में 1.5 लाख और उडुपी में 97,697 मतदाता अनमैप्ड पाए गए।
  • मतदाता को 22 अक्टूबर तक दस्तावेज़ प्रस्तुत करके आपत्ति दर्ज करनी होगी।
  • अंतिम विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) रॉली 27 अक्टूबर को प्रकाशित होगी।

मंगलूरु (दक्षिण कन्नड़) – मंगलवार से दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में कुल 2.47 लाख मतदाताओं को उनके नाम, उम्र या अन्य विवरणों में असंगति के कारण नोटिस जारी किए जाएंगे। यह कार्रवाई विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) के तहत तैयार किए गए ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल्स के बाद की गई है।

डिप्टी कमिश्नर एच.वी. दर्शन ने बताया कि “अनमैप्ड” मतदाता वे हैं जिन्होंने 2002 के रॉली में अपने या अपने माता-पिता/दादा-दादी के नाम नहीं दिए थे या वर्तमान रॉली में विवरणों में अंतर है। इस कारण उन मतदाताओं को पुनः मैपिंग और विवरण सुधार के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं।

नोٹسिंग प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा मतदाता को एक तिथि दी जाएगी, जिसमें वह सहायक इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) के समक्ष आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करेगा। स्वीकार्य दस्तावेज़ों में सरकारी कर्मचारी या पेंशनधारी का पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, 7 जुलाई 1987 से पहले जारी कोई भी पहचान पत्र, बैंक या डाक विभाग का दस्तावेज़, पासपोर्ट, 10वीं की मार्क शीट, शिक्षा प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, भूमि या सरकारी आवंटन प्रमाणपत्र आदि शामिल हैं।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ये सूची संपूर्ण नहीं है; AERO को सभी ऐसे दस्तावेज़ स्वीकार करने का अधिकार दिया गया है जो मतदाता की पहचान या असंगति को स्पष्ट कर सकें। यदि कोई अपने नाम को अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लिकेट या मृत घोषित होने के कारण हटाया गया मानता है, तो वह भी अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है।

इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में 16.46 लाख मतदाताओं के एन्क्यूमरेशन फॉर्म को डिजिटल किया गया, जबकि 1.57 लाख मतदाता ड्राफ्ट रोल से बाहर रहे, जिनमें 45,318 मृत, 82,988 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 15,395 अन्य राज्य भागों में पंजीकृत और 11,124 अनुपस्थित थे। उडुपी में 10 लाख मतदाता ड्राफ्ट रोल में शामिल हैं, जबकि 63,331 मतदाता बाहर रहे।

विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) का लक्ष्य मतदाता सूची को साफ़‑सुथरा बनाना और चुनाव में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। यह प्रक्रिया 2002 के पुराने रॉली को डिजिटल करके, नई तकनीक से डेटा को अद्यतन करने की कोशिश है, जिससे भविष्य के चुनावों में मतदाता सूची की सटीकता बढ़ेगी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that accurate voter rolls are crucial for the legitimacy of upcoming state elections, and the large number of unmapped voters highlights systemic gaps in record‑keeping that could affect voter turnout and representation.

"यदि इस चरण में सभी असंगतियों को ठीक नहीं किया गया, तो अगले चुनाव में वोटर अनियमितताओं की संभावना बढ़ जाएगी," कहा चुनाव विशेषज्ञ डॉ. अजय शर्मा ने।
Did You Know?: भारत में सबसे बड़ा मतदाता अपडेट 2002 के बाद 2024 में हुआ, जब सभी एन्क्यूमरेशन फॉर्म को डिजिटल किया गया।

Frequently Asked Questions

Q1: मतदाता को कौन‑से दस्तावेज़ प्रस्तुत करने चाहिए?
A: पहचान पत्र, पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, शिक्षा प्रमाणपत्र, बैंक/डाक दस्तावेज़, आदि, जैसा ऊपर उल्लेख किया गया है।

Q2: अंतिम ड्राफ्ट रोल कब प्रकाशित होगा?
A: विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) का अंतिम इलेक्टोरल रोल 27 अक्टूबर को जारी किया जाएगा।