राजस्थान के कोटा में एक सरकारी स्कूल में दोपहर का भोजन करने के बाद दर्जनों बच्चे बीमार हो गए। जिनमें से 21 को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है, जिसके बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।

  • कोटा के पूनिया देवरिया स्कूल में मिड-डे मील के बाद 27 बच्चे बीमार हुए।
  • 21 छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से अधिकांश की स्थिति अब स्थिर है।
  • भोजन में कद्दू की सब्जी परोसी गई थी; अन्नपूर्णा सहकारी समिति द्वारा भोजन की आपूर्ति की गई थी।
  • शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्थिति का जायजा लेने के लिए कोटा का दौरा किया।

राजस्थान के कोटा जिले के रानपुर क्षेत्र में स्थित सरकारी पूनिया देवरिया स्कूल में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब दोपहर का भोजन (मिड-डे मील) करने के करीब दो घंटे बाद दर्जनों छात्रों की तबीयत खराब हो गई। कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों ने मतली, उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने जैसी शिकायतें कीं।

स्कूल में नामांकित 130 छात्रों में से 110 उपस्थित थे, जिनमें से 27 बच्चों ने अस्वस्थ महसूस किया। इनमें से 17 बच्चों को सरकारी न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और चार को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्कूल के प्रधानाचार्य चंद्र प्रकाश के अनुसार, स्कूल की छुट्टी होने के समय बच्चों ने अचानक बेचैनी महसूस करना शुरू किया, जिसके बाद उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए ले जाया गया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this incident highlights a recurring systemic failure in the quality control of the Mid-Day Meal scheme in rural Rajasthan. When a single vendor, like the Annapurna Sahakari Samiti, supplies food to nearly 70-80 schools, any lapse in hygiene or ingredient quality can potentially trigger a large-scale health crisis across multiple institutions.

"The sudden onset of symptoms across a specific group of students strongly suggests foodborne intoxication, though environmental factors like humidity must be ruled out."

इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर जयपुर से सीधे कोटा पहुंचे और अस्पताल में भर्ती बच्चों का हाल जाना। यह कदम संभवतः कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा सरकारी स्कूलों की बदहाली को लेकर उठाए गए सवालों के जवाब में उठाया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) रूप सिंह मीणा ने पुष्टि की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जिस अन्नपूर्णा सहकारी समिति ने इस स्कूल को भोजन दिया, उसने अन्य 8-9 स्कूलों को भी वही भोजन आपूर्ति किया था, लेकिन अन्य स्कूलों से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। अधिकारी अब यह जांच रहे हैं कि क्या अत्यधिक गर्मी, उमस या स्थानीय जल संदूषण ने इस स्थिति को जन्म दिया।

विवरणप्रभावित छात्रकुल उपस्थित छात्रअस्पताल में भर्ती
पूनिया देवरिया स्कूल, कोटा2711021
क्या आप जानते हैं?: भारत का मिड-डे मील प्रोग्राम दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल फीडिंग प्रोग्राम है, जिसका उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर को सुधारना और स्कूल उपस्थिति बढ़ाना है।

Frequently Asked Questions

1. बच्चों को क्या लक्षण महसूस हुए?
छात्रों ने मुख्य रूप से उल्टी, मतली, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत की।

2. भोजन की आपूर्ति किसने की थी?
भोजन की आपूर्ति अन्नपूर्णा सहकारी समिति द्वारा की गई थी, जो क्षेत्र के लगभग 70 स्कूलों को भोजन देती है।