‘पीपल अगेंस्ट जेनोसाइड’ समूह ने यूके के मार्टिन‑बेकर फैक्ट्री में कब्ज़ा कर कंपनी पर इज़राइल के युद्ध विमानों के लिए ईजेक्शन सीट घटक सप्लाई करने का आरोप लगाया। इस कार्रवाई का उद्देश्य ब्रिटेन की इज़राइल को सैन्य समर्थन को बाधित करना है।

  • ‘पीपल अगेंस्ट जेनोसाइड’ ने मार्टिन‑बेकर फैक्ट्री पर कब्ज़ा किया
  • कंपनी को इज़राइल के युद्ध विमानों के लिए ईजेक्शन सीट घटक सप्लाई करने का आरोप
  • कार्यक्रम का लक्ष्य ब्रिटेन की इज़राइल को सैन्य समर्थन को रोकना है

24 अगस्त 2026 को, प्रो‑फ़िलिस्तीन कार्यकर्ता समूह पीपल अगेंस्ट जेनोसाइड ने यूके के दक्षिण‑पूर्वी इंग्लैंड में स्थित मार्टिन‑बेकर कंपनी की एयरोस्पेस फैक्ट्री में प्रवेश किया। उन्होंने कंपनी के द्वार पर बैनर लगाए और इज़राइल के वायु सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले विमानों के लिए ईजेक्शन सीट घटक बनाने का आरोप लगाया।

मार्टिन‑बेकर, जो विश्व के प्रमुख इजेक्शन सीट निर्माताओं में से एक है, ने पहले कई देशों की सैन्य परियोजनाओं में भाग लिया है। समूह का कहना है कि कंपनी की आपूर्ति इज़राइल को हवाई शक्ति प्रदान करती है, जिससे गाज़ा में नागरिकों की स्थिति और बिगड़ रही है।

कब्ज़े के दौरान, कार्यकर्ताओं ने फैक्ट्री के भीतर कई घंटों तक प्रदर्शन किया, शांति से लेकिन दृढ़ता से अपनी मांगें दोहराईं। स्थानीय पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारी तैनात किए, लेकिन कोई हिंसक टकराव नहीं हुआ।

इज़राइल‑फ़िलिस्तीन संघर्ष के बढ़ते तनाव के बीच, इस तरह की अंतरराष्ट्रीय प्रोटेस्टेंशन का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। कई यूरोपीय देशों में समान विरोध प्रदर्शन देखे जा रहे हैं, जहाँ नागरिक समूह सैन्य निर्यात को रोकने की मांग कर रहे हैं।

ब्रिटिश सरकार ने अभी तक इस कार्रवाई पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन विदेश और रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि सभी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय कानून और नैतिक मानकों का पालन करना चाहिए।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: मार्टिन‑बेकर की स्थापना 1930 में हुई थी और वह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से कई सैन्य और नागरिक विमान परियोजनाओं में शामिल रहा है। कंपनी ने 1970 के दशक में पहला एंटी‑ग्रेविटी ईजेक्शन सीट विकसित किया, जिससे वह वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि इस तरह के प्रत्यक्ष कार्रवाई से न केवल कंपनी की सार्वजनिक छवि पर असर पड़ता है, बल्कि सरकार की विदेश नीति और सैन्य निर्यात नीति पर भी दबाव बनता है। यदि सार्वजनिक विरोध बढ़ता रहा तो यूके को अपने निर्यात लाइसेंस पुनः मूल्यांकन करने पड़ सकते हैं।

"ऐसे प्रोटेस्ट सीधे तौर पर रक्षा उद्योग के नैतिक दायित्वों को उजागर करते हैं," कहा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. एमी कार्टर ने।
Did You Know?: मार्टिन‑बेकर ने 1999 में पहला डिजिटल ईजेक्शन सिस्टम विकसित किया, जो आज के अधिकांश आधुनिक लड़ाकू विमानों में उपयोग होता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या मार्टिन‑बेकर ने इज़राइल को सीधे ईजेक्शन सीट बेची है?

उत्तर: कंपनी ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उसके उत्पाद कई देशों को निर्यात होते हैं, लेकिन विशिष्ट ग्राहक सूची गोपनीय रखी जाती है।

प्रश्न 2: इस कब्ज़े के बाद यूके सरकार की क्या संभावित प्रतिक्रिया हो सकती है?

उत्तर: सरकार जांच शुरू कर सकती है और यदि कोई निर्यात नियम उल्लंघन पाया गया तो लाइसेंस रद्द या प्रतिबंध लग सकता है।