मुंबई के कांदिवली में मराठी भाषा की अनिवार्यता के विरोध में गैर-मराठी ड्राइवरों ने सड़क जाम कर दिया। ड्राइवरों ने आरोप लगाया है कि उन्हें भाषा न जानने के कारण प्रताड़ित किया जा रहा है।
- मुंबई के कांदिवली लिंक रोड पर गैर-मराठी ड्राइवरों ने किया 'रस्ता-रोको' प्रदर्शन।
- परिवहन विभाग के मराठी भाषा दक्षता अभियान के विरोध में हुआ हंगामा।
- ड्राइवरों का आरोप है कि उन्हें स्थानीय ड्राइवरों द्वारा डराया-धमकाया जा रहा है।
- नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निलंबन और भारी जुर्माने का प्रावधान।
मुंबई के कांदिवली इलाके में सोमवार सुबह उस समय भारी तनाव फैल गया जब गैर-मराठी भाषी ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों ने लालजीपाड़ा के पास कांदिवली लिंक रोड को पूरी तरह से जाम कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन महाराष्ट्र सरकार और परिवहन विभाग द्वारा राज्यव्यापी स्तर पर चलाए जा रहे 'मराठी भाषा दक्षता' अभियान के खिलाफ था।
प्रदर्शनकारी ड्राइवरों का दावा है कि उन्हें केवल भाषा न जानने के कारण 'उत्पीड़न' का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय मराठी भाषी ड्राइवर उन्हें रोककर भाषा सीखने के लिए धमका रहे हैं। उत्तर प्रदेश के रहने वाले सुनील यादव नामक एक ड्राइवर ने बताया, "हमें लगातार रोका जा रहा है और डराया जा रहा है कि हमें किसी भी तरह मराठी सीखनी ही होगी। यह हमारे समुदाय में विभाजन पैदा कर रहा है।"
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मुद्दा केवल भाषा का नहीं, बल्कि आजीविका और सामाजिक समावेश का भी है। महाराष्ट्र में परिवहन विभाग के नए नियमों ने प्रवासी कामगारों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।
मराठी भाषा के कार्यान्वयन और प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों के बीच का यह संघर्ष मुंबई की सामाजिक संरचना के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
परिवहन विभाग के अभियान के तहत, 20 अगस्त से उन ड्राइवरों को नोटिस दिए जा रहे हैं जिन्हें मराठी का कार्यात्मक ज्ञान नहीं है। नियमों के अनुसार, यदि ड्राइवर एक महीने के भीतर भाषा नहीं सीख पाते हैं, तो उनका लाइसेंस और पीएसवी (PSV) बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द हो सकता है।
आंकड़ों के अनुसार, अभियान के शुरुआती दो दिनों में ही मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में लगभग 8,000 ड्राइवरों की जांच की गई और 1,326 को नोटिस दिए गए। ड्राइवरों ने यह भी सवाल उठाया कि 500 रुपये प्रतिदिन कमाने वाले ड्राइवर के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना भरना असंभव है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: परिवहन विभाग का नया नियम क्या है?
उत्तर: ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का कार्यात्मक ज्ञान होना अनिवार्य है, अन्यथा उनका लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है।
प्रश्न 2: ड्राइवरों का मुख्य विरोध क्या है?
उत्तर: ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें भाषा सीखने के लिए मजबूर किया जा रहा है और स्थानीय स्तर पर प्रताड़ित किया जा रहा है।