तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने विधानसभा में घोषणा की कि परिंदूर में प्रस्तावित दूसरा हवाई अड्डा अब नहीं बनाया जाएगा। अब नई साइट की खोज शुरू हो गई है, जबकि यह फैसला राज्य की विकास योजना को प्रभावित कर सकता है।
- परिंदूर प्रोजेक्ट को राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर रद्द किया।
- विजय सरकार नई स्थान की पहचान कर रही है।
- परियोजना रद्द होने से तमिलनाडु के आर्थिक विकास पर असर पड़ सकता है।
परिंदूर परियोजना का इतिहास
1999 में शुरू हुई दूसरी हवाई अड्डे की खोज 2007 में सिरिपरुंबुदुर के 4,000 एकड़ क्षेत्र को मंजूरी मिलने से तेज हुई। लेकिन जमीन अधिग्रहण संबंधी कठिनाइयों के कारण कई बार योजना स्थगित हुई। 2021 में डीएमके सरकार ने चार संभावित स्थानों में से परिंदूर को चुना, और 2022 में सिविल एविएशन मंत्रालय ने स्वीकृति दी।
प्रस्तावित साइट और विरोध
परिंदूर, कांचीपुरम जिले में स्थित, लगभग 68.5 किमी दक्षिण में चेन्नई के केंद्र से था। 5,746 एकड़ भूमि पर 13 गांवों को प्रभावित किया जाना था, जिससे किसानों और ग्रामीणों में व्यापक विरोध हुआ। किसानों ने कहा कि उपजाऊ कृषि भूमि और जल स्रोतों को नुकसान होगा।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
परियोजना की लागत लगभग ₹29,144 करोड़ थी और इसे चार चरणों में पूरा करने की योजना थी। इसमें एयर फ्रेट वैली, रोड कॉरिडोर विस्तार और नई मेट्रो लाइन शामिल थे, जिससे क्षेत्रीय रोजगार और उद्योगों को बड़ा बूस्टर मिलने की उम्मीद थी।
राजनीतिक बयानबाजी
प्रमुख विपक्षी नेता एम.के. स्टालिन ने इस निर्णय को "तमिलनाडु की विकास यात्रा के लिए अपरिवर्तनीय झटका" कहा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बिना परामर्श और दीर्घकालिक योजना के लिया गया है। दूसरी ओर, विजय ने कहा कि नई जगह की पहचान अभी चल रही है और यह "राज्य के भविष्य के लिए आवश्यक" है।
क्या चेन्नई को दूसरे हवाई अड्डे की ज़रूरत है?
सीआईएआई के उपाध्यक्ष पी. रविचंद्रन ने बताया कि अगले पाँच‑दस वर्षों में चेन्नई को बढ़ती पैसेंजर और कार्गो मांग को पूरा करने के लिए एक अतिरिक्त हवाई अड्डे की आवश्यकता होगी। उद्योग संघ और रियल एस्टेट समूह भी मौजूदा हवाई अड्डे के विस्तार के साथ नई साइट की मांग को समर्थन दे रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that abandoning the Parindur project could delay Tamil Nadu’s ambition to become a manufacturing hub, potentially shifting billions of investment to rival states that offer clearer infrastructure roadmaps.
"Infrastructure delays often translate directly into lost jobs and slower GDP growth," says Dr. Arvind Rao, senior economist at Indian Institute of Development Studies.
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पहले भी तमिलनाडु ने कई बड़े हवाई अड्डे परियोजनाओं को शुरू और बंद किया है, जैसे कि एरियल सिटी प्रोजेक्ट 2010‑2013 के बीच रद्द हुआ। इन उदाहरणों ने राज्य को जमीन अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी के मुद्दों में सतर्क किया है।
| स्थान | मुख्य कारण | विरोध स्तर |
|---|---|---|
| पडालम् | उद्योगिक बेल्ट से दूरी | मध्यम |
| पन्नूर | जल स्रोतों की निकटता | उच्च |
| परिंदूर | हाईवे कनेक्टिविटी | उच्च |
| तिरुपोरुर | भूमि उपलब्धता | निम्न |
Frequently Asked Questions
Q1: क्या नई साइट की पहचान कब तक होगी? वर्तमान में सरकार की टास्क फोर्स ने 3‑6 महीने के भीतर संभावित विकल्पों की सूची तैयार करने का लक्ष्य रखा है।
Q2: मौजूदा चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विस्तार कब शुरू होगा? विस्तार के लिए आवश्यक मंजूरी पहले ही मिल चुकी है, और कार्य 2027 में शुरू होने की अपेक्षा है।