दिल्ली पुलिस ने यूट्यूबर अजीत भारती को सांसद चंद्र शेखर आज़ाद के खिलाफ कास्ट‑आधारित अपमानजनक बयान देने के आरोप में बुक किया। FIR में इसे अनुसूचित जातियों और जनजातियों (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।

  • अजीत भारती को SC/ST एक्ट के तहत बुक किया गया।
  • वीडियो में आरक्षण और सामाजिक मुद्दों पर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग हुआ।
  • पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य की पूरी जाँच शुरू कर दी है।

नई दिल्ली – दिल्ली पुलिस ने यूट्यूबर अजीत भारती को अपने यूट्यूब शो "अंदोलन हटाओ नाटक" में सांसद चंद्र शेखर आज़ाद (नागिना) के खिलाफ कास्ट‑आधारित अपमानजनक और असभ्य टिप्पणी करने के आरोप में बुक कर लिया। यह मामला उत्तर एवेन्यू पुलिस स्टेशन में आज (रविवार) दर्ज किया गया, जिसमें आज़ाद के साथ डॉ. बी. आर. अम्बेडकर का भी उल्लेख किया गया।

आज़ाद समाज पार्टी (कांशी राम) द्वारा दायर शिकायत के अनुसार, भारती ने अपने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लगातार "जात‑आधारित, अपमानजनक, यौन‑अपमानजनक और संभवतः उकसाने वाले" बयानों को दोहराया। FIR में यह भी बताया गया कि वीडियो का शीर्षक "SB79: आरक्षण हटाओ आंदोलन नाटक & मोर" था, जिसका प्रसारण 22 अगस्त 2026 को रात 10:11 बजे हुआ और इसे 23,100 से अधिक बार देखा गया।

शिकायत में वीडियो और स्क्रीनशॉट को प्राथमिक इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया और प्लेटफ़ॉर्म से मूल रिकॉर्ड्स, URL, अपलोड डेटा, मेटाडाटा, व्यूज, टिप्पणियों आदि की माँग की गई। पुलिस ने बताया कि आरोपित ने अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम, 1989 के साथ‑साथ विभिन्न समूहों के बीच वैर बढ़ाने, आपराधिक धमकी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत भी दंडनीय कार्य किया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that such high‑profile digital offences highlight the growing tension between freedom of expression on online platforms and India’s stringent hate‑speech laws, especially when political figures become the target.

स्मृति गुप्ता, संवैधानिक कानून विशेषज्ञ ने कहा: "ऐसे बयान सामाजिक सद्भाव को बाधित कर सकते हैं और कानून के दायरे में गिरे हुए हैं।"

पुलिस ने संकेत दिया कि अजीत भारती से जल्द ही पूछताछ की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम को कई नागरिक अधिकार समूहों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति संभावित दमन के रूप में आलोचना की है, जबकि अन्य ने इसे सामाजिक सामरस्य की रक्षा के लिए आवश्यक मान्यता दी है।

Did You Know?: पिछले पाँच वर्षों में भारत में समान कास्ट‑आधारित आपत्तिजनक टिप्पणी के 12 मामलों में FIR दर्ज की गई है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या अजीत भारती को गिरफ्तार किया गया है?
उत्तर: अभी तक नहीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाने की संभावना जताई है।

प्रश्न 2: इस मामले में कौन‑से कानूनी धाराएँ लागू हुईं?
उत्तर: SC/ST (अत्याचार रोकथाम) एक्ट, 1989, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67, और वैर बढ़ाने तथा आपराधिक धमकी संबंधित धारा।