दिल्ली सरकार ने चांदनी चौक के ऐतिहासिक स्वरूप को बचाने और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए 1.3 किलोमीटर लंबे सड़क खंड को पांच अलग-अलग हिस्सों में बांटने का निर्णय लिया है। ₹34 करोड़ की इस योजना के तहत आधुनिक मशीनों और सुरक्षा गार्डों के माध्यम से रखरखाव किया जाएगा।

  • चांदनी चौक के 1.3 किमी लंबे हिस्से को 5 ज़ोन में बांटा जाएगा।
  • रखरखाव और स्वच्छता के लिए ₹34 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
  • PWD द्वारा तीन साल के लिए निजी कंपनी को ठेका देने हेतु निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
  • सुरक्षा गार्डों की तैनाती और मशीनीकृत सफाई पर विशेष जोर दिया जाएगा।

दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान, चांदनी चौक, एक बड़े बदलाव की ओर अग्रसर है। दिल्ली सरकार ने लाल जैन मंदिर से लेकर फतेहपुरी मस्जिद तक फैले 1.3 किलोमीटर लंबे सड़क खंड के संरक्षण और रखरखाव के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है। इस क्षेत्र को पांच अलग-अलग हिस्सों में विभाजित किया जाएगा ताकि प्रत्येक हिस्से की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और प्रबंधन को अधिक प्रभावी ढंग से संभाला जा सके।

गौरतलब है कि इस सड़क खंड का पुनर्विकास 2021 में किया गया था, लेकिन विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी और प्रशासनिक खींचतान के कारण इसकी चमक जल्द ही फीकी पड़ने लगी। अधिकारियों के अनुसार, एमसीडी और पीडब्ल्यूडी के बीच आपसी विवाद के कारण पिछले रखरखाव अनुबंध का नवीनीकरण नहीं हो सका, जिससे क्षेत्र में गंदगी, पान के दाग और कचरे की समस्या बढ़ गई थी।

विभाजन का विस्तृत विवरण

प्रस्तावित योजना के तहत, सड़क को निम्नलिखित पांच खंडों में बांटा गया है:

  • खंड 1: लाल जैन मंदिर से एस्प्लेनेड रोड टी-पॉइंट (इसमें रेड फोर्ट क्रॉसिंग और दीवान हॉल रोड शामिल है)।
  • खंड 2: एस्प्लेनेड रोड टी-पॉइंट से शीश गंज साहिब गुरुद्वारा तक।
  • खंड 3: फव्वारा चौक से टाउन हॉल क्रॉसिंग तक (इसमें मोती बाजार और परंठे वाली गली शामिल हैं)।
  • खंड 4: टाउन हॉल से बल्लीमारान तक (इसमें नई सड़क और शांति देसाई मार्ग शामिल हैं)।
  • खंड 5: बल्लीमारान से फतेहपुरी मस्जिद तक (इसमें खारी बावली रोड शामिल है)।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि चांदनी चौक केवल एक बाजार नहीं, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत का केंद्र है। यदि इस क्षेत्र का रखरखाव सही ढंग से नहीं किया जाता है, तो यह न केवल पर्यटकों को दूर करेगा बल्कि स्थानीय व्यापार और शहरी स्वच्छता के मानकों को भी प्रभावित करेगा। पांच खंडों में विभाजन से जवाबदेही तय होगी।

विभाजित प्रबंधन मॉडल से प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी और रखरखाव की गुणवत्ता में सुधार होगा।

इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹34 करोड़ है। इसके तहत लगभग 55,000 वर्ग मीटर क्षेत्र की सफाई की जाएगी, जिसमें फुटपाथ, वेंडर ज़ोन और मुख्य कॉरिडोर शामिल हैं। सफाई के लिए आधुनिक जेट मशीनों और राइड-ऑन स्क्रबर का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा गार्डों की तैनाती की जाएगी जो आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे।

Did You Know?: चांदनी चौक का यह मुख्य मार्ग शहर का पहला ऐसा क्षेत्र है जहाँ सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक मोटर चालित वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है।

Frequently Asked Questions

1. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य चांदनी चौक की स्वच्छता बनाए रखना, विरासत का संरक्षण करना और बेहतर बुनियादी ढांचा प्रदान करना है।

2. रखरखाव के लिए कितने समय का अनुबंध किया जाएगा?
PWD द्वारा निजी कंपनी के लिए तीन साल की अवधि का अनुबंध प्रस्तावित है।

विशेषतापुरानी स्थितिनई प्रस्तावित योजना
प्रबंधनविभाजित/अस्पष्ट5 स्पष्ट ज़ोन में विभाजित
सफाई तकनीकमैनुअल/अनियमितमशीनीकृत (Jet/Scrubber)
सुरक्षान्यूनतम8-घंटे की शिफ्ट में गार्ड तैनात