दिल्ली सरकार एशियाई विकास बैंक (ADB) के 2,500 करोड़ रुपये के ऋण की मदद से राजधानी के जल वितरण नेटवर्क को आधुनिक बनाने की तैयारी कर रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत लीकेज कम करने और पानी की आपूर्ति सुधारने के लिए 131 नए डिस्ट्रिक्ट मीटर वाले क्षेत्र (DMA) बनाए जाएंगे।

  • एशियाई विकास बैंक (ADB) परियोजना के 70% खर्च का वित्तपोषण करेगा।
  • 131 डिस्ट्रिक्ट मीटर वाले क्षेत्र (DMAs) बनाए जाएंगे ताकि पानी की बर्बादी और लीकेज को रोका जा सके।
  • मुख्यालय और आसपास के प्रमुख आवासीय क्षेत्रों जैसे मॉडल टाउन और पीतमपुरा को सीधा लाभ मिलेगा।
  • कुल 836 किमी का जल वितरण नेटवर्क विकसित किया जाएगा।

दिल्ली की पानी की समस्या और बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को घोषणा की कि दिल्ली सरकार केंद्रीय वित्त मंत्रालय के माध्यम से एशियाई विकास बैंक (ADB) से प्राप्त 2,500 करोड़ रुपये के ऋण की सहायता से राजधानी के जल आपूर्ति नेटवर्क में व्यापक सुधार करने की योजना बना रही है।

इस योजना का मुख्य केंद्र 'नॉन-रेवेन्यू वॉटर' (NRW) यानी उस पानी को कम करना है जो लीकेज या अवैध कनेक्शन के कारण बर्बाद हो जाता है। सरकार का लक्ष्य नेटवर्क के पुनरुद्धार, सटीक मीटरिंग और व्यवस्थित लीकेज नियंत्रण के माध्यम से NRW को घटाकर 15 प्रतिशत तक लाना है। इसके लिए 131 डिस्ट्रिक्ट मीटर वाले क्षेत्र (DMAs) स्थापित किए जाएंगे, जो पाइप नेटवर्क के विशिष्ट खंड होंगे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले महानगर के लिए पानी की बर्बादी को रोकना केवल एक बुनियादी ढांचागत आवश्यकता नहीं, बल्कि एक आर्थिक अनिवार्यता भी है। लीकेज और अवैध कनेक्शनों को नियंत्रित करके सरकार न केवल राजस्व बचाएगी, बल्कि लाखों घरों तक निरंतर जलापूर्ति सुनिश्चित कर सकेगी।

पानी की आपूर्ति में पारदर्शिता और वैज्ञानिक लेखांकन सुनिश्चित करने के लिए 100% मीटरिंग और DMA-आधारित निगरानी गेम-चेंजर साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया कि इस परियोजना के तहत लगभग 43.96 वर्ग किमी क्षेत्र, नौ भूमिगत जलाशय (UGR) कमांड क्षेत्र और आठ विधानसभा क्षेत्रों को आधुनिक वितरण प्रणाली के तहत लाया जाएगा। इसमें मुखर्जी नगर, मॉडल टाउन, जहांगीरपुरी, आजादपुर, पीतमपुरा और अशोक विहार जैसे प्रमुख आवासीय इलाके शामिल हैं। लगभग 836 किमी के नेटवर्क का विकास होगा, जिसमें 570 किमी नई या बदली हुई पाइपलाइनें शामिल होंगी।

इसके अतिरिक्त, सरकार पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के दो ज़ोन में 11,427 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। यह निवेश लगभग 36.4 लाख लोगों को लाभान्वित करेगा। इस विशाल परियोजना के लिए फंडिंग का मॉडल त्रि-स्तरीय होगा: 25% केंद्र सरकार, 25% दिल्ली सरकार और शेष 50% ऋण या पीपीपी मॉडल के माध्यम से जुटाया जाएगा।

Infrastructure Expansion Details

परियोजना के तहत शाकुर बस्ती के हर्ष विहार में 18 MLD क्षमता का एक नया भूमिगत जलाशय विकसित किया जाएगा। वहीं, ओखला विधानसभा क्षेत्र के बटला हाउस और अबुल फजल एन्क्लेव में भी नए जलाशय और बूस्टर पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके साथ ही, सीवरेज नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 28 नए विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STPs) पर काम भी शुरू हो चुका है।

Did You Know?: डिस्ट्रिक्ट मीटर वाले क्षेत्र (DMA) पाइप नेटवर्क के छोटे हिस्से होते हैं जिन्हें वाल्व के जरिए अलग किया जा सकता है ताकि लीकेज का सटीक पता लगाया जा सके।

Frequently Asked Questions

1. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली में पानी की बर्बादी (लीकेज) को रोकना, अवैध कनेक्शनों पर नियंत्रण पाना और जल आपूर्ति प्रणाली को आधुनिक बनाना है।

2. किन क्षेत्रों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा?
मॉडल टाउन, पीतमपुरा, अशोक विहार और ओखला जैसे प्रमुख आवासीय क्षेत्रों को इस बुनियादी ढांचे सुधार का सीधा लाभ मिलेगा।