न्यू इंगलैंड में इस गुरुवार‑शुक्रवार रात को लगभग 96% कवर किए हुए रक्तचंद्र का अद्भुत दृश्य मिलेगा, बशर्ते बादल साफ़ हों। इस लेख में देखिए कब, कैसे और कहाँ देखना है, साथ ही ऐतिहासिक पृष्ठभूमि।

  • ग्रहण में चंद्रमा का 96% भाग पृथ्वी की छाया में रहेगा।
  • न्यू इंगलैंड में साफ़ आसमान होने पर आसानी से देखा जा सकता है।
  • आँखों की सुरक्षा के लिए कोई विशेष चश्मा या उपकरण आवश्यक नहीं।

बोस्टन के स्थानीय समय अनुसार, 23 सितंबर को रात 9:23 बजे पेनुम्ब्रल चरण शुरू होगा, 10:33 बजे आंशिक (उम्ब्रल) चरण शुरू होगा, और आधी रात 12:12 बजे तक 96% कवरेज के साथ रक्तचंद्र अपने शिखर पर पहुँचेगा। यह दृश्य मुख्यतः उत्तर‑और‑दक्षिण अमेरिका, पश्चिमी यूरोप और पश्चिमी अफ्रीका में दिखाई देगा।

सूर्य ग्रहण के विपरीत, चंद्र ग्रहण को सीधे आँखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है; कोई विशेष सुरक्षा चश्मा नहीं चाहिए। केवल आसमान की साफ़ी ही मुख्य शर्त है।

यह ग्रहण पूर्ण नहीं है, पर 96% कवरेज इसे एक अनोखा “रक्तचंद्र” बनाता है। चंद्रमा का केवल एक छोटा हिस्सा उज्ज्वल रहेगा, जबकि बाकी हिस्सा लाल‑तांबे के रंग में बदल जाएगा, जैसा कि पेनिस के सिक्के जैसा चमकता है।

इस ग्रहण का भाग Saros 138 श्रृंखला का है, जो हर 18 वर्ष 11 दिन में दोहराता है। यह श्रृंखला 1521 में शुरू हुई और 2982 तक चलेगी। 1918‑2023 के बीच सभी ग्रहण आंशिक रहे; अगला पूर्ण ग्रहण 2044 में होगा।

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार रात न्यू इंगलैंड में बिखरे हुए बादल और बूँदाबांदी की संभावना है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है। यदि बादल साफ़ हो जाएँ तो यह एक शानदार फोटो अवसर बन सकता है।

इस समय की पूर्णिमा को “स्टर्ज़न मून” कहा जाता है, क्योंकि इस समय मछली पकड़ने वाली कई प्रजातियाँ सक्रिय होती हैं। इस क्रम में यह ग्रहण चार में से चौथा है, लेकिन पूर्ण नहीं होने के कारण इसे “लगभग टेट्रैड” कहा जाता है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that a high‑visibility lunar eclipse can boost regional tourism, spark public interest in astronomy, and provide a natural laboratory for educators to illustrate orbital mechanics.

“लूनर इवेंट्स, विशेषकर रक्तचंद्र, लोगों को ब्रह्मांड के प्रति जिज्ञासु बनाते हैं और विज्ञान शिक्षा को लोकप्रिय बनाते हैं,” कहते हैं खगोलशास्त्री डॉ. अनीता सिंह।
Did You Know?: यह ग्रहण Saros 138 श्रृंखला का सबसे गहरा आंशिक ग्रहण है, जिसमें 96.2% चंद्रमा छाया में है।

Frequently Asked Questions

क्या मैं इस ग्रहण को बिना किसी उपकरण के देख सकता हूँ? हाँ, चंद्र ग्रहण देखने के लिए कोई विशेष चश्मा या टेलीस्कोप की आवश्यकता नहीं है।

क्या यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा? नहीं, यह मुख्यतः उत्तर‑अमेरिका, पश्चिमी यूरोप और अफ्रीका में दृश्यमान है; भारत में यह नहीं दिखेगा।