केरल के कन्नूर जिले में भारी बारिश के कारण पलचुराम के पास भीषण भूस्खलन हुआ है, जिससे वायनाड की ओर जाने वाला यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। प्रशासन ने क्षेत्र में और अधिक भूस्खलन की चेतावनी जारी की है।
- कन्नूर के पलचुराम में भूस्खलन के कारण वायनाड जाने वाला रास्ता बंद।
- यातायात को नेडुम्पोयिल-पेरिया घाट रोड के माध्यम से डायवर्ट किया गया।
- मंत्री सनी जोसेफ ने निर्माण कार्यों के कारण भूस्खलन की आशंका जताई।
- करंगायोड नदी के उफान से कृषि भूमि जलमग्न।
केरल के कन्नूर जिले में मंगलवार सुबह भारी तबाही देखी गई जब पलचुराम के पास चेकुथानथोडु रोड पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ। इस घटना के कारण घाट मार्ग पर भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें गिर गईं, जिससे वायनाड की ओर जाने वाले सभी वाहनों का आवागमन ठप हो गया है। जिला कलेक्टर पी. विष्णुराज ने तत्काल मलबे को हटाने के निर्देश दिए हैं और पुलिस, अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं के साथ राजस्व अधिकारियों ने राहत कार्य शुरू कर दिया है।
प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों और गैर-जरूरी वाहनों को भूस्खलन स्थल के पास न जाने की सख्त सलाह दी है। पुलिस ने निर्देश दिया है कि जो वाहन सामान्यतः पलचुराम मार्ग का उपयोग करते हैं, वे अब नेडुम्पोयिल-पेरिया घाट रोड का उपयोग करें। भारी बारिश के निरंतर जारी रहने के कारण प्रशासन ने भविष्य में और अधिक भूस्खलन की प्रबल संभावना व्यक्त की है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, केरल के पहाड़ी क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण और जलवायु परिवर्तन के कारण भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। यह घटना न केवल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि महत्वपूर्ण पर्यटन और व्यापारिक मार्गों को भी काट देती है।
मंत्री सनी जोसेफ ने कहा कि यह भूस्खलन अवैज्ञानिक निर्माण प्रथाओं का परिणाम प्रतीत होता है, जिसके लिए विशेषज्ञों की जांच जरूरी है।
भूस्खलन के अलावा, जिले के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश का असर देखा गया है। चेरुपुझा में करंगायोड नदी के उफान आने से कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। तालिपड़म्बा के पास कुप्पम सीएच नगर में जलभराव के कारण बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अतिरिक्त, अलाकोड के मूनमकुन्नु में चोलमाला में भी भूस्खलन की आशंका है, जहाँ चट्टानें और मिट्टी ढलान से नीचे आ गईं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
केरल के पश्चिमी घाट क्षेत्र में मानसून के दौरान भूस्खलन एक आवर्ती समस्या रही है। पिछले कुछ वर्षों में, बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण और पहाड़ों की कटाई ने मिट्टी की स्थिरता को प्रभावित किया है, जिससे वायनाड और कन्नूर जैसे क्षेत्रों में आपदाओं का जोखिम बढ़ गया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: वायनाड जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग कौन सा है?
उत्तर: वर्तमान में यात्रियों को नेडुम्पोयिल-पेरिया घाट रोड का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।
प्रश्न 2: क्या प्रशासन ने सुरक्षा चेतावनी जारी की है?
उत्तर: हाँ, जिला प्रशासन ने भारी बारिश और आगे के भूस्खलन की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।