आंध्र प्रदेश लॉरी ओनर्स एसोसिएशन ने राज्यों के बीच सुचारू माल परिवहन के लिए काउंटर-सिग्नेचर परमिट जारी करने की मांग की है। एसोसिएशन का दावा है कि परमिट की कमी के कारण वाहन मालिकों को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है।
- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच माल परिवहन के लिए काउंटर-सिग्नेचर परमिट की मांग तेज हुई।
- राज्य विभाजन के 12 साल बाद भी यह समस्या अनसुलझी बनी हुई है।
- परमिट की कमी के कारण ट्रक मालिकों को अतिरिक्त करों का बोझ उठाना पड़ रहा है।
आंध्र प्रदेश लॉरी ओनर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच माल ढोने वाले वाहनों के लिए काउंटर-सिग्नेचर परमिट जारी करने का आग्रह किया है। मंगलवार को एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने परिवहन और सड़क एवं भवन विभाग के सचिव कोना ससिधर को एक ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन के राज्य महासचिव वाई.वी. ईश्वर राव ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के विभाजन के लगभग 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी दोनों राज्यों के बीच माल वाहनों के संचालन के लिए परमिट का मुद्दा अभी तक हल नहीं हुआ है। यह प्रशासनिक देरी न केवल व्यापार को प्रभावित कर रही है, बल्कि छोटे और मध्यम स्तर के ट्रक मालिकों के लिए मुश्किलें भी पैदा कर रही है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अंतर-राज्यीय व्यापार में परमिट संबंधी बाधाएं लॉजिस्टिक्स लागत को सीधे प्रभावित करती हैं। जब परमिट उपलब्ध नहीं होते, तो वाहन चालकों को अनौपचारिक माध्यमों या अतिरिक्त करों के माध्यम से भुगतान करना पड़ता है, जिससे अंततः उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
परमिट संबंधी कानूनी अड़चनें अंतर-राज्यीय व्यापार की गति को धीमा कर देती हैं, जिससे आर्थिक विकास बाधित होता है।
एसोसिएशन ने मांग की है कि सरकार तुरंत कदम उठाए ताकि मालवाहक वाहन बिना किसी बाधा के दोनों राज्यों के बीच स्वतंत्र रूप से चल सकें। कृष्णा जिला लॉरी ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एन. राजा भी इस महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित थे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
तेलंगाना के निर्माण के बाद, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच प्रशासनिक और कानूनी सीमाओं का पुनर्गठन किया गया था। हालांकि, परिवहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई द्विपक्षीय समझौते अभी भी प्रक्रिया में हैं, जिससे माल ढुलाई करने वाले समुदायों को निरंतर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ट्रक मालिक अतिरिक्त कर क्यों दे रहे हैं?
उत्तर: वैध काउंटर-सिग्नेचर परमिट की कमी के कारण, वाहन मालिकों को राज्यों की सीमाओं को पार करने के लिए अतिरिक्त शुल्क या करों का सामना करना पड़ता है।
प्रश्न 2: यह समस्या कब से बनी हुई है?
उत्तर: यह समस्या तेलंगाना राज्य के गठन और विभाजन के बाद से, यानी लगभग 12 वर्षों से बनी हुई है।