प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PRAGATI बैठक के दौरान साइबर धोखाधड़ी और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे बढ़ते मामलों की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और जन जागरूकता पर बल दिया।

  • पीएम मोदी ने साइबर अपराधों, विशेषकर 'डिजिटल अरेस्ट' के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।
  • सुरक्षा कर्मियों के निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर जोर दिया गया।
  • वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं के लिए लक्षित जागरूकता अभियानों की आवश्यकता बताई।
  • 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
  • कृषि क्षेत्र में AI के उपयोग और AgriStack को मजबूत करने का निर्देश।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 'प्रगति' (PRAGATI) प्लेटफॉर्म की 53वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे नए और खतरनाक तरीकों का उल्लेख किया, जो नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। पीएम ने स्पष्ट किया कि केवल तकनीक से काम नहीं चलेगा, बल्कि रोकथाम के लिए प्रशिक्षण, जागरूकता और शिक्षा पर निरंतर ध्यान देना अनिवार्य है।

साइबर सुरक्षा और जन जागरूकता

बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि साइबर अपराधियों के बदलते तरीकों से निपटने के लिए सुरक्षा कर्मियों की क्षमताओं का नियमित विकास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए प्रकार के साइबर फ्रॉड की पहचान करने और उन पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए कर्मियों को आधुनिक तकनीकों से लैस करना आवश्यक है।

पीएमO के अनुसार, प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और अन्य कमजोर वर्गों के लिए लक्षित सार्वजनिक जागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर बल दिया। इसका उद्देश्य लोगों को सामान्य धोखाधड़ी तकनीकों, चेतावनी संकेतों और सुरक्षित डिजिटल प्रथाओं से परिचित कराना है।

साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि एक सामाजिक आवश्यकता है जिसे जागरूकता और प्रशिक्षण के माध्यम से ही जीता जा सकता है।

बुनियादी ढांचा और डिजिटल कृषि

साइबर सुरक्षा के अलावा, प्रधानमंत्री ने रेलवे, सड़क और बिजली क्षेत्रों में फैली 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की छह प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने इन परियोजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अंतर-एजेंसी समन्वय पर जोर दिया।

डिजिटल कृषि मिशन के तहत, उन्होंने AgriStack परियोजना की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने कृषि डेटा से अधिक मूल्य प्राप्त करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित नवीनतम डिजिटल तकनीकों का लाभ उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डेटा इकोसिस्टम का उपयोग इनपुट योजना से लेकर प्रसंस्करण तक पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में किया जाना चाहिए ताकि किसानों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिल सके।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ साइबर अपराधों का जोखिम भी तेजी से बढ़ रहा है। पीएम मोदी का यह हस्तक्षेप न केवल सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने का संकेत है, बल्कि यह डिजिटल साक्षरता को राष्ट्रीय सुरक्षा का एक अभिन्न अंग बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Did You Know?: 'डिजिटल अरेस्ट' एक ऐसी धोखाधड़ी है जिसमें अपराधी खुद को पुलिस या जांच एजेंसी बताकर पीड़ित को वीडियो कॉल पर डराते हैं और उन्हें 'अरेस्ट' होने का नाटक करवाते हैं।

Frequently Asked Questions

1. 'डिजिटल अरेस्ट' क्या है?
यह एक साइबर अपराध है जहां अपराधी फर्जी अधिकारियों के रूप में कॉल करके लोगों को डराते हैं और उन्हें डिजिटल माध्यम से बंधक बना लेते हैं।

2. AgriStack का उद्देश्य क्या है?
AgriStack का उद्देश्य कृषि डेटा का एक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है ताकि किसानों को सटीक जानकारी और बेहतर सेवाएं मिल सकें।