सीरियाई लोकतांत्रिक बल (SDF) ने सीरियाई सेना के साथ अपने मिलन के बाद आधिकारिक रूप से विघटन की घोषणा की, जिससे उत्तर‑पूर्व सीरिया में कुर्द शक्ति का प्रमुख अध्याय समाप्त हुआ।
- SDF ने सीरियाई सेना के साथ आधिकारिक मिलन किया
- कुर्द-नेतृत्व वाली शक्ति अब स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं करेगी
- नया राजनीतिक क्रम कुर्द अधिकारों को पुनर्स्थापित करने का वादा करता है
डैमास्कस में राष्ट्रपति महल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में SDF के कमांडर माज़लूम अब्दी ने घोषणा की कि समूह ने सीरियाई सेना के साथ अपना विलय पूरा कर लिया है और अब स्वतंत्र रूप से संचालित नहीं होगा। यह कदम उत्तर‑पूर्व सीरिया में कई वर्षों तक चलने वाले कुर्द स्वायत्त क्षेत्र को समाप्त करता है।
जनवरी 2026 में सरकार द्वारा उत्तर‑पूर्व में किए गए बड़े सैन्य आक्रमण के बाद SDF ने अधिकांश क्षेत्रों को खो दिया था। फिर वह सीरियाई सरकार के साथ मिलन समझौते पर हस्ताक्षर कर चुका था, जिससे अमेरिकी समर्थन में गिरावट और नई सरकार के साथ वाशिंगटन के घनिष्ठ संबंधों का प्रभाव स्पष्ट हुआ।
असद वंश के 50‑वर्षीय शासन के दौरान कुर्दों को नागरिकता से वंचित किया गया और नवरोज़ जैसे सांस्कृतिक उत्सवों पर प्रतिबंध लगा। 2011 के विद्रोह के बाद, SDF ने सरकार की सेना के पीछे हटने पर खाली पड़े क्षेत्रों को भर दिया और कभी‑कभी सीरिया के लगभग 25% हिस्से पर नियंत्रण किया।
नए अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल‑शराआ ने जनवरी में शांति वार्ताओं के दौरान एक डिक्री जारी की, जिसमें कुर्द भाषा को आधिकारिक मान्यता, नवरोज़ को राष्ट्रीय अवकाश और हजारों कुर्दों को नागरिकता पुनः प्रदान करने का प्रावधान था। अब्दी ने कहा कि अल‑शराआ ने कुर्दों को अपनी भाषा में शिक्षा का अधिकार भी दिया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the dissolution of SDF marks a decisive shift in regional power dynamics, reducing U.S. influence while granting the Damascus government greater leverage over Kurdish populations and border security.
"SDF का विलय सीरियाई सरकार को कुर्दों के साथ एकीकृत राष्ट्रीय पहचान बनाने का एक रणनीतिक अवसर प्रदान करता है," कहा मध्य पूर्व विशेषज्ञ डॉ. लीना हाशिम ने।
Frequently Asked Questions
क्या SDF का विलय कुर्दों के अधिकारों को खतरे में डालता है? नई डिक्री के तहत भाषा, शिक्षा और नागरिकता के अधिकार संरक्षित हैं, लेकिन उनकी वास्तविक कार्यान्वयन अभी तय होना बाकी है।
सीरिया में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? अमेरिकी समर्थन घटेगा, जिससे सीरिया में अमेरिकी सैनिकों की भूमिका और मिशनों का पुनर्मूल्यांकन होगा।