वेल्लोर के मोरधना बांध से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने से पहले जल संसाधन विभाग (WRD) ने मुख्य नहरों की सफाई और गाद निकालने का काम पूरा कर लिया है। यह कदम किसानों की मांग और जल स्तर को देखते हुए उठाया गया है।
- मोरधना बांध में वर्तमान में 235.03 mcft पानी उपलब्ध है।
- सिंचाई के लिए 1 सितंबर तक प्रतिदिन औसतन 225 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा।
- जल संसाधन विभाग ने नहरों की सफाई के दावों को सांसद के आरोपों के बाद स्पष्ट किया है।
- यह पानी गुड़ियाथम और कातपाडी तालुकों के 9 टैंकों को भरेगा।
वेल्लोर जिले के गुड़ियाथम के पास स्थित मोरधना बांध से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल संसाधन विभाग (WRD) ने स्पष्ट किया है कि बांध की बाईं और दाईं मुख्य नहरों से गाद (silt) निकालने का काम पानी छोड़ने से पहले ही पूरा कर लिया गया है। यह निर्णय 1 सितंबर तक चलने वाले नौ दिवसीय जल वितरण कार्यक्रम के मद्देनजर लिया गया है।
हाल ही में वेल्लोर के सांसद डी.एम. कथिर आनंद ने दावा किया था कि नहरों और फीडर चैनलों की सफाई पूरी तरह से नहीं की गई है, जिससे टेल-एंड (अंतिम छोर) के क्षेत्रों में पानी के प्रवाह में समस्या आ सकती है। हालांकि, WRD के सहायक अभियंता एस. कालीप्रियन ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि 20 सदस्यीय टीम ने बांध के नियमित रखरखाव का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस क्षेत्र में कृषि पूरी तरह से जल निकायों और भूजल पर निर्भर है। मोरधना बांध से पानी का यह नियंत्रित प्रवाह न केवल फसलों को जीवन देगा, बल्कि सूखे हो चुके जल निकायों को पुनर्जीवित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नहरों की समय पर सफाई सिंचाई प्रणाली की दक्षता सुनिश्चित करने और अंतिम छोर तक पानी पहुँचाने के लिए अनिवार्य है।
वेल्लोर कलेक्टर पी.एस. लीना एलेक्स ने स्वयं बांध से पानी छोड़ा, जिसका उद्देश्य बांध से कम से कम 10 किमी नीचे के क्षेत्रों में भूजल स्तर को फिर से रिचार्ज करना है। बांध में वर्तमान में 261.3 mcft की कुल क्षमता के मुकाबले 235.03 mcft पानी मौजूद है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
मोरधना बांध पालर नदी की सहायक नदी कौंडिन्या नदी पर निर्मित है। यह बांध क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो लगभग 2,500 एकड़ भूमि पर खेती की सुविधा प्रदान करता है। जुलाई 2025 में 'झील पुनर्वास और बहाली योजना' के तहत बाईं नहर का व्यापक जीर्णोद्धार किया गया था, जिसमें तीन मीटर गहराई तक गाद निकाली गई थी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मोरधना बांध से कितना पानी छोड़ा जा रहा है?
उत्तर: 1 सितंबर तक कुल 174.96 mcft पानी छोड़ा जाएगा, जिसमें प्रतिदिन औसतन 225 क्यूसेक का प्रवाह होगा।
प्रश्न 2: इस पानी से किन फसलों को लाभ होगा?
उत्तर: इस पानी से मुख्य रूप से धान, मूंगफली और केले की खेती को लाभ होगा।