जादवपुर विश्वविद्यालय में हुई हिंसा की जांच के लिए गठित पैनल में एक और सदस्य ने इस्तीफा दे दिया है। ABVP ने इस मामले की NIA जांच की मांग की है, जबकि पश्चिम बंगाल राज्य विश्वविद्यालय में हुई अलग झड़प में चार तृणमूल कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए हैं।

  • जादवपुर विश्वविद्यालय की जांच समिति के दूसरे सदस्य अरुणआसिस गोस्वामी ने इस्तीफा दिया।
  • ABVP ने मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के हस्तक्षेप की मांग की है।
  • पश्चिम बंगाल राज्य विश्वविद्यालय में तृणमूल समर्थकों और ABVP के बीच झड़प में चार गिरफ्तारियां हुई हैं।

कोलकाता: जादवपुर विश्वविद्यालय (Jadavpur University) में 20 अगस्त को हुई हिंसक झड़प की जांच करने के लिए गठित विशेष जांच पैनल को एक और झटके का सामना करना पड़ा है। बुधवार को, बाबासाहेब अंबेडकर शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति अरुणआसिस गोस्वामी ने जांच समिति से अपना इस्तीफा विश्वविद्यालय के कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य को सौंप दिया।

यह इस्तीफा समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर सुभा शंकर सरकार के पहले ही पद छोड़ने के बाद आया है। गोस्वामी के इस्तीफे के पीछे मुख्य कारण आरएसएस से संबद्ध शिक्षक संगठन, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) द्वारा उठाई गई आपत्तियां बताई जा रही हैं। संगठन ने गोस्वामी के पिछले पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग के साथ संबंधों पर सवाल उठाए हैं, जो पूर्ववर्ती सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरा रहा था।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि विश्वविद्यालय के भीतर बढ़ते राजनीतिक ध्रुवीकरण और जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठते सवाल शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। जांच समिति के सदस्यों का लगातार इस्तीफा देना मामले की गंभीरता और प्रशासनिक अस्थिरता को दर्शाता है।

जांच समिति का बिखरना यह संकेत देता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच का विश्वास पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

घटनाक्रम की शुरुआत 20 अगस्त की तड़के हुई, जब ABVP समर्थकों ने कथित तौर पर परिसर में घुसकर वामपंथी छात्र संगठनों के पोस्टर फाड़े और आग लगा दी। ABVP का आरोप है कि इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संकाय के छात्रों के साथ मारपीट की गई थी। इस हिंसा के बाद परिसर में भारी तनाव व्याप्त है और पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेड्स लगाए हैं।

इस हिंसा का असर केवल जादवपुर तक सीमित नहीं रहा है। प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय, कलकत्ता विश्वविद्यालय और मेदिनीपुर कॉलेज जैसे संस्थानों में भी छात्र समूहों के बीच झड़पें देखी गई हैं। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल राज्य विश्वविद्यालय में रक्षा बंधन समारोह की तैयारियों को लेकर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों और ABVP के बीच हुई झड़प में चार तृणमूल कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।

Historical Background

पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति अक्सर उग्र रही है। वामपंथी विचारधारा और दक्षिणपंथी छात्र संगठनों के बीच का संघर्ष दशकों पुराना है, जो अक्सर हिंसक प्रदर्शनों और प्रशासनिक हस्तक्षेप का रूप ले लेता है।

Did You Know?: जादवपुर विश्वविद्यालय भारत के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है, लेकिन हाल के वर्षों में यह छात्र राजनीति के केंद्र में रहा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: जांच समिति के सदस्य क्यों इस्तीफा दे रहे हैं?
उत्तर: सदस्यों के इस्तीफे का मुख्य कारण जांच की निष्पक्षता पर उठते सवाल और पूर्व राजनीतिक जुड़ाव से संबंधित विवाद हैं।

प्रश्न 2: ABVP की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: ABVP ने मांग की है कि 20 अगस्त की हिंसा की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा की जानी चाहिए।