कन्नियाकुमारी जिला कलेक्टर एम. प्रताप ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कन्याकुमारी और कलियक्कविलाइ को जोड़ने वाले फोर-लेन हाईवे का निर्माण इस साल दिसंबर तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए।

  • कलेक्टर एम. प्रताप ने NHAI को दिसंबर तक काम पूरा करने का सख्त अल्टीमेटम दिया है।
  • ₹1,041.30 करोड़ की लागत से बन रहा यह हाईवे यात्रियों के लिए जीवनरक्षक साबित होगा।
  • निर्माण सामग्री की कमी दूर करने के लिए प्रशासन स्थानीय अधिकारियों को समन्वय करने का निर्देश देगा।

कन्नियाकुमारी जिला कलेक्टर एम. प्रताप ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कन्नियाकुमारी और कलियक्कविलाइ को जोड़ने वाले फोर-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य को इस वर्ष दिसंबर तक पूरा कर यातायात के लिए खोल दिया जाना चाहिए।

कलेक्टर ने अपने अधीनस्थों को आदेश दिया है कि इस समय सीमा को पूरा करने के लिए NHAI को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। गौरतलब है कि केरल इकाई ने कन्याकुमारी को तिरुवनंतपुरम से जोड़ने वाले हिस्से का काम तेजी से पूरा कर लिया है, लेकिन तमिलनाडु के हिस्से में भूमि अधिग्रहण और कानूनी बाधाओं के कारण काम वर्षों से लटका हुआ है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि वर्तमान में उपयोग किया जाने वाला 40 किमी लंबा 2-लेन मार्ग बेहद खराब स्थिति में है। गड्ढों से भरे इस मार्ग पर भारी वाहनों के कारण न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि यह मरीजों और हवाई अड्डे जाने वाले यात्रियों के लिए भी एक दुस्वप्न बन गया है। इस फोर-लेन परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सुरक्षा में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

किसी भी कीमत पर, कन्याकुमारी और कलियक्कविलाइ को जोड़ने वाले इस अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग का काम दिसंबर से पहले पूरा किया जाना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने विभिन्न स्थानों जैसे कुलप्पुरम, विलाथुरई और एरानिएल का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ओवरब्रिज के पास जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बारिश के पानी के जमा होने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इस मार्ग पर वर्षों से बुनियादी ढांचे की कमी रही है। वर्तमान 2-लेन सड़क पर अत्यधिक भार और रखरखाव के अभाव के कारण दुर्घटनाओं की दर अधिक रही है। राज्य राजमार्ग विभाग ने पहले बताया था कि पर्याप्त फंड की कमी के कारण केवल पैचवर्क ही संभव हो पाया है, लेकिन अब राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के माध्यम से इसका पूर्ण समाधान होने की उम्मीद है।

Did You Know?: इस राजमार्ग परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹1,041.30 करोड़ है, जो क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: हाईवे कब तक चालू होने की उम्मीद है?
उत्तर: कलेक्टर के निर्देशानुसार, इसे दिसंबर 2026 तक यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रश्न 2: देरी का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: मुख्य कारणों में भूमि अधिग्रहण में देरी और विभिन्न कानूनी बाधाएं शामिल थीं।