मैसूर दशहरा की तैयारियों के बीच गजायाना का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें नौ सजे-धजे हाथियों ने अपनी यात्रा शुरू की और दिग्गज हाथी अभिमन्यु को सम्मानजनक विदाई दी गई।

  • मैसूर दशहरा की तैयारियों के तहत गजायाना का वीरनाहोसाहल्ली में शुभारंभ किया गया।
  • नौ सजे-धजे हाथियों के पहले बैच ने मैसूर के लिए अपनी यात्रा शुरू की।
  • छह वर्षों तक स्वर्ण हौदा ले जाने वाले दिग्गज हाथी अभिमन्यु को सेवानिवृत्ति पर भावुक विदाई दी गई।

कर्नाटक के विश्व प्रसिद्ध मैसूर दशहरा उत्सव की तैयारियां अब अपने चरम पर हैं। बुधवार को हुंसुर तालु के नागरहोल टाइगर रिजर्व की सीमा पर स्थित वीरनाहोसाहल्ली में 'गजायाना' का भव्य शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम ने मैसूर की सांस्कृतिक विरासत के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक, हाथियों के आगमन की आधिकारिक शुरुआत कर दी है।

मैसूर जिले के प्रभारी मंत्री यथेंद्र सिद्धरामाiah की उपस्थिति में, नौ विशेष रूप से सजे हुए हाथियों के पहले बैच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस समूह में महेंद्र, श्रीकांत, लक्ष्मी, एकलव्य, धनंजय, गोपी, कावेरी, प्रशांत और श्रीराम शामिल हैं। स्थानीय निवासियों और आसपास के आदिवासी समुदायों के सैकड़ों लोगों ने इन गजराजों का पारंपरिक स्वागत किया।

एक युग का अंत: अभिमन्यु को भावुक विदाई

इस समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब दशहरा के दिग्गज हाथी अभिमन्यु को औपचारिक विदाई दी गई। 60 वर्षीय अभिमन्यु ने पिछले छह वर्षों तक 'जम्बो सवारी' के दौरान प्रतिष्ठित स्वर्ण हौदा (Golden Howdah) को सफलतापूर्वक ढोया था। उनकी सेवानिवृत्ति पर उन्हें रेड-कारपेट स्वागत दिया गया और फूलों की वर्षा की गई, जो उनके दशक भर के गौरवशाली सेवा काल के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक तरीका था।

अभिमन्यु जैसे हाथियों का योगदान केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि मैसूर की सांस्कृतिक आत्मा का हिस्सा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, गजायाना केवल एक यात्रा नहीं है, बल्कि यह मैसूर की अर्थव्यवस्था और पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। हाथियों का आगमन मैसूर के पर्यटन सीजन की आधिकारिक शुरुआत माना जाता है, जो हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है।

हाथियों का यह पहला बैच विशेष रूप से तैयार किए गए ट्रकों में मैसूर के लिए रवाना हुआ है। उन्हें पहले अरण्य भवन में ठहराया जाएगा और उसके बाद 28 अगस्त को मैसूर महल परिसर में उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा।

Did You Know?: मैसूर दशहरा दुनिया के सबसे पुराने और भव्य त्योहारों में से एक है, जो विजयनगर साम्राज्य की परंपराओं को जीवित रखता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: गजायाना क्या है?
उत्तर: गजायाना हाथियों की वह यात्रा है जो दशहरा उत्सव के लिए हाथियों को उनके निवास स्थान से मैसूर ले जाती है।

प्रश्न 2: अभिमन्यु को विदाई क्यों दी गई?
उत्तर: दिग्गज हाथी अभिमन्यु अपनी सक्रिय दशहरा ड्यूटी से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, इसलिए उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।