पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के पीछे की अनकही कहानी साझा की है। उन्होंने बताया कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को पाकिस्तान के खिलाफ निर्णायक और सटीक कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी थी।

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  • प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को बिना किसी राजनीतिक दबाव के सटीक कार्रवाई का निर्देश दिया।
  • ऑपरेशन सिंदूर के तहत बहावलपुर जैसे गहरे आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
  • आधी रात के हमले का निर्णय नागरिकों को नुकसान से बचाने और सरप्राइज एलिमेंट के लिए लिया गया था।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सुझाव पर बहावलपुर को हमले की सूची में शामिल किया गया।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जो सैन्य कार्रवाई की थी, जिसे 'ऑपरेशन सिंदूर' के नाम से जाना जाता है, उसकी रणनीतिक बारीकियों का बड़ा खुलासा हुआ है। पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल (सेवानिवृत्त) अनिल चौहान ने विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में एक कार्यक्रम के दौरान इस ऑपरेशन की पूरी इनसाइड स्टोरी साझा की।

जनरल चौहान के अनुसार, 29 अप्रैल, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक हुई थी। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान को एक ऐसा सबक सिखाना था जिसकी उसने कभी कल्पना भी न की हो।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह ऑपरेशन भारत की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का एक मील का पत्थर है। यह न केवल सैन्य क्षमता का प्रदर्शन था, बल्कि यह भी संदेश था कि भारत अब सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रणनीति अपनाने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया था कि सेना को कार्रवाई के लिए किसी राजनीतिक दबाव की आवश्यकता नहीं है, बस सफलता के पुख्ता सबूत होने चाहिए।

ऑपरेशन की सबसे बड़ी चुनौती लक्ष्यों की सटीक पहचान करना था। खुफिया एजेंसियों ने पाया कि आतंकी समूहों ने कई ठिकानों को खाली कर दिया था या उन्हें स्थानांतरित कर दिया था। इसके बावजूद, 7 मई 2025 की तड़के भारतीय सेनाओं ने मुरीदके स्थित मरकज तैयबा और बहावलपुर स्थित मरकज सुभानल्लाह जैसे नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया।

बहावलपुर को लक्ष्य बनाने का फैसला काफी महत्वपूर्ण था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आग्रह पर इसे सूची में शामिल किया गया था। चूंकि बहावलपुर का लक्ष्य काफी दूर था, इसलिए ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन के बजाय हवाई शक्ति (Air Power) का उपयोग करना अनिवार्य हो गया था।

Did You Know?: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमले का समय आधी रात को इसलिए चुना गया था ताकि अचानक हमले का लाभ मिल सके और आम नागरिकों को कम से कम नुकसान हो।

Frequently Asked Questions

1. ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
यह पहलगाम हमले के जवाब में भारत द्वारा पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों पर की गई एक सटीक सैन्य कार्रवाई थी।

2. किन प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया गया?
मुख्य रूप से मुरीदके और बहावलपुर में स्थित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी केंद्रों को निशाना बनाया गया।