मंगलुरु नगर निगम आयुक्त ने दलित कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया है कि अम्बेडकर सर्कल में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की मूर्ति स्थापित करने के लिए एक महीने के भीतर विस्तृत कार्य योजना तैयार कर ली जाएगी।
- अम्बेडकर सर्कल में प्रतिमा लगाने की मांग पिछले दो दशकों से लंबित है।
- नगर निगम आयुक्त राहुल रत्नम पांडे ने सितंबर के अंत तक कार्य योजना तैयार करने का वादा किया है।
- द्वितीयक आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के लिए धन की कोई कमी नहीं है।
मंगलुरु: मंगलुरु नगर निगम (MCC) के आयुक्त राहुल रत्नम पांडे ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान दलित कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि अम्बेडकर सर्कल (पूर्व में ज्योति सर्कल) में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित करने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना अगले एक महीने के भीतर तैयार कर ली जाएगी। यह आश्वासन एससी/एसटी शिकायत निवारण बैठक के दौरान दिया गया, जहाँ वर्षों से लंबित इस मांग को लेकर भारी आक्रोश देखा गया।
दो दशकों का लंबा इंतजार
दलित कार्यकर्ता रमेश कोटियान, रघु येक्कर और जगदीश पांडेश्वर ने अम्बेडकर सर्कल में प्रतिमा लगाने में हो रहे अत्यधिक विलंब पर कड़ा विरोध जताया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे पिछले लगभग बीस वर्षों से इस प्रतिमा की स्थापना की मांग कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी व्यक्त की कि यद्यपि कार्य के लिए आधारशिला रखने का समारोह पहले ही आयोजित किया जा चुका है, लेकिन धरातल पर अब तक कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
दो दशकों का विलंब केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिनिधित्व के प्रति उदासीनता को भी दर्शाता है।
प्रशासनिक स्पष्टीकरण और वित्तीय स्थिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए, उपायुक्त एच.वी. दर्शन ने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए धन की कोई कमी नहीं है। आयुक्त पांडे ने आगे बताया कि सितंबर के अंत तक कार्य योजना तैयार होने के बाद, प्रतिमा स्थापना के लिए आधिकारिक रूप से निविदाएं (Tenders) आमंत्रित की जाएंगी।
कानून व्यवस्था और अन्य मुद्दे
बैठक के दौरान, दलित कार्यकर्ता अमला ज्योति ने नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय (DCRE) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हालांकि जिला सेल को पुलिस स्टेशन का दर्जा दिया गया है, लेकिन पर्याप्त कर्मियों और बुनियादी ढांचे के अभाव में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रभावी जांच में बाधा आ रही है। इसके जवाब में, पुलिस आयुक्त सुधीर कुमार रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार कर्मियों की भर्ती और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अम्बेडकर सर्कल में प्रतिमा का मुद्दा केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि यह स्थानीय समुदायों के सम्मान और पहचान से जुड़ा एक गहरा भावनात्मक और राजनीतिक मुद्दा है। प्रशासन की ओर से समयबद्ध कार्रवाई सामाजिक विश्वास को बहाल करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।
Frequently Asked Questions
1. अम्बेडकर सर्कल में प्रतिमा लगाने में देरी क्यों हो रही है?
कार्यकर्ता पिछले 20 वर्षों से इसकी मांग कर रहे हैं, और हालांकि आधारशिला रखी जा चुकी है, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और योजना के अभाव में काम रुका हुआ है।
2. प्रशासन ने अब तक क्या आश्वासन दिया है?
नगर निगम आयुक्त ने सितंबर के अंत तक कार्य योजना तैयार करने और उसके बाद निविदाएं आमंत्रित करने का आश्वासन दिया है।