बेंगलुरु में यशवंतपुर से केआर पुरम तक 28 किमी लंबे पहले टोल फ्लाईओवर के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। ₹3,536 करोड़ की इस परियोजना में टोल वसूली की अवधि को 32.5 वर्ष पर सीमित कर दिया गया है।

  • यशवंतपुर से केआर पुरम तक 28 किमी लंबा नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा।
  • परियोजना की अनुमानित लागत ₹3,536 करोड़ है।
  • टोल वसूली की अवधि अधिकतम 11,863 दिन (लगभग 32.5 वर्ष) के लिए सीमित है।
  • यह निर्माण 'बिल्ड-ओन-ऑपरेट-ट्रांसफर' (BOOT) मॉडल के तहत होगा।

बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, शहर के पहले टोल आधारित फ्लाईओवर के लिए निविदाएं (tenders) आमंत्रित की गई हैं। यह प्रस्तावित यशवंतपुर-केआर पुरम एलिवेटेड कॉरिडोर शहर के पूर्व-पश्चिम संपर्क को सुगम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। बेंगलुरु स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (BSMILE) द्वारा जारी सूचना के अनुसार, यह परियोजना 28 किलोमीटर लंबी होगी और इसका निर्माण 30 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी वित्तीय संरचना है। BSMILE ने स्पष्ट किया है कि टोल वसूली की अवधि को 11,863 दिनों (32.5 वर्ष) पर कैप कर दिया गया है। यह एक अनूठी प्रक्रिया है क्योंकि यहाँ बोली लगाने वालों को यह बताना होगा कि वे अपना निवेश और मुनाफा वसूलने के लिए कितने दिनों का समय चाहते हैं। यदि कोई कंपनी 32.5 वर्ष से अधिक की अवधि मांगती है, तो उसकी बोली खारिज कर दी जाएगी।

परियोजना का मार्ग और संरचना

यह महत्वाकांक्षी कॉरिडोर गणितिकेरे क्रॉस (यशवंतपुर) से शुरू होकर IISc, मेखड़ी सर्कल, जयमहल, सेंट जॉन्स चर्च रोड और उलसूर झील से होते हुए पुराने मद्रास रोड के माध्यम से केआर पुरम पर समाप्त होगा। यह चार लेन वाला एलिवेटेड सेक्शन 19.61 मीटर चौड़ा होगा, जिसे 60-80 किमी/घंटा की गति से चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें MEI जंक्शन पर एक स्प्लिट फ्लाईओवर और RT नगर, इंदिरानगर और वर्थुर रोड जैसे प्रमुख जंक्शनों को जोड़ने के लिए 10 अप और 10 डाउन रैंप शामिल होंगे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कॉरिडोर बेंगलुरु के यातायात प्रबंधन में एक गेम-चेंजर साबित होगा। वर्तमान में, मेट्रो कनेक्टिविटी के बावजूद यात्रियों को शहर के मध्य (मजेस्टिक) से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे यात्रा का समय काफी बढ़ जाता है। यह नया मार्ग शहर के केंद्र को बायपास करते हुए एक सीधा और कुशल लिंक प्रदान करेगा, जिससे यात्रा के समय में भारी कमी आएगी और ईंधन की बचत होगी।

यह परियोजना न केवल यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि निजी निवेश के माध्यम से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण का एक नया मॉडल पेश करेगी।

परियोजना की लागत का विवरण भी काफी विस्तृत है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के अनुसार, कुल ₹3,536 करोड़ में से अकेले सिविल कार्य की लागत ₹2,710 करोड़ अनुमानित है। इसमें सुपरस्ट्रक्चर का हिस्सा सबसे बड़ा है, जो कुल लागत का 62 प्रतिशत से अधिक है।

Did You Know?: यह कॉरिडोर बेंगलुरु के व्यस्ततम इलाकों जैसे इंदिरानगर और उलसूर को सीधे जोड़कर शहर के 'ट्रैफिक जाम' की समस्या को काफी हद तक कम कर सकता है।

Frequently Asked Questions

1. इस फ्लाईओवर का निर्माण कितने समय में पूरा होगा?
BSMILE के अनुसार, निर्माण कार्य को 30 महीनों की समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना अनिवार्य है।

2. टोल वसूली की अधिकतम सीमा क्या है?
टोल वसूली की अवधि को 11,863 दिनों यानी लगभग 32.5 वर्षों तक सीमित कर दिया गया है।