प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा के पैतृक घर और पूजा स्थल के स्वामित्व को लेकर परिवार और ट्रस्ट के बीच विवाद बढ़ गया है। बाबा की छह पोतियों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच करने की गुहार लगाई है।
- नीम करोली बाबा की छह पोतियों ने संपत्ति के स्वामित्व पर सवाल उठाए हैं।
- विवाद का केंद्र फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव में स्थित बाबा का जन्मस्थान है।
- श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
- जिला प्रशासन ने राजस्व रिकॉर्ड की जांच के आदेश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा के पैतृक घर और उनके जन्मस्थान को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बाबा के छोटे बेटे की छह पोतियों ने जिला प्रशासन के पास पहुंचकर इस संपत्ति के स्वामित्व और प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
शिकायतकर्ताओं में सुनीता शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, भावना रावत, रितु तिवारी और ऋचा रावत शामिल हैं। उन्होंने फिरोजाबाद के जिला मजिस्ट्रेट (DM) संतोष शर्मा को एक औपचारिक शिकायत सौंपी है। परिवार का आरोप है कि श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट द्वारा पैतृक संपत्ति और उससे जुड़े पूजा स्थल में अनुचित हस्तक्षेप किया जा रहा है।
विवाद की जड़ क्या है?
पारिवारिक वंशावली के अनुसार, नीम करोली बाबा के दो पुत्र थे—अंके सिंह शर्मा और धर्म नारायण शर्मा। शिकायतकर्ता धर्म नारायण शर्मा की बेटियां हैं। उनका दावा है कि ancestral घर को कभी भी ट्रस्ट को दान नहीं किया गया था। उनका तर्क है कि संपत्ति पर ट्रस्ट का कब्जा अवैध है और प्रशासन को राजस्व रिकॉर्ड की गहन जांच करनी चाहिए।
दूसरी ओर, विवाद के केंद्र में मौजूद श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि बाबा का घर, मंदिर और डाक बंगला कानूनी रूप से ट्रस्ट को हस्तांतरित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बाबा की पत्नी रंबेटी ने 1996 में इस ट्रस्ट की स्थापना की थी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल संपत्ति के अधिकार का नहीं है, बल्कि एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के संरक्षण और प्रबंधन से जुड़ा है। नीम करोली बाबा के अनुयायी दुनिया भर में फैले हुए हैं, और इस विवाद का असर उनके धार्मिक विश्वासों और तीर्थयात्रियों के अनुभव पर पड़ सकता है।
संपत्ति के मालिकाना हक का यह कानूनी संघर्ष आने वाले समय में धार्मिक ट्रस्टों के प्रबंधन और पारिवारिक अधिकारों के बीच एक मिसाल बन सकता है।
जिला मजिस्ट्रेट संतोष शर्मा ने कहा कि प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार इस स्थल को एक बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर काम कर रही है ताकि भक्तों को कोई असुविधा न हो।
Frequently Asked Questions
1. विवाद किस स्थान को लेकर है?
यह विवाद फिरोजाबाद के तुंडला तहसील के अकबरपुर गांव में स्थित नीम करोली बाबा के पैतृक घर और जन्मस्थान को लेकर है।
2. ट्रस्ट का क्या पक्ष है?
ट्रस्ट का कहना है कि संपत्ति कानूनी रूप से उनके पास है और बाबा की पत्नी द्वारा स्थापित ट्रस्ट ही इसका प्रबंधन कर रहा है।