राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ ने तमिलनाडु सरकार को सात प्रमुख माँगें प्रस्तुत की हैं, जिसमें भत्ता वृद्धि, आय सीमा में बदलाव और सरकारी एसी बसों पर मुफ्त यात्रा शामिल है। ये माँगें दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन स्तर को सुधारने के उद्देश्य से हैं।
- भत्ता ₹1,500 से बढ़ाकर ₹3,000 करने की माँग
- वार्षिक आय सीमा ₹2.5 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने की माँग
- दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए सरकारी एसी बसों पर मुफ्त यात्रा
दृष्टिहीन संघ ने तमिलनाडु सरकार के सामने सात प्रमुख माँगें रखी हैं, जो राज्य में दृष्टिबाधित लोगों के सामाजिक‑आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए तैयार की गई हैं। संघ के दक्षिण भारत प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनोहरन पी. ने बताया कि वर्तमान में विकलांग व्यक्तियों को मिलने वाला रख‑रखाव भत्ता केवल ₹1,500 है, जिसे तुरंत ₹3,000 तक बढ़ाया जाना चाहिए।
वर्तमान नियमों के तहत, वार्षिक आय ₹2.5 लाख तक वाले विकलांग परिवारों को मुफ्त गैस सिलिंडर मिलते हैं। संघ का तर्क है कि इस सीमा को ₹5 लाख तक बढ़ाया जाए, ताकि अधिक परिवारों को लाभ मिल सके।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में विकलांग अधिकारों की रक्षा के लिए 1995 में विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम (RPWD) लागू किया गया था। तमिलनाडु ने कई पहलें शुरू कीं, लेकिन दृष्टिबाधित लोगों के लिए विशेष उपाय अक्सर अधूरे रहे हैं। पिछले दशकों में कई बार सरकार ने भत्ता और रोजगार के लिए विशेष प्रावधान किए, परन्तु उनका कार्यान्वयन असमान रहा है।
तमिलनाडु शाखा के परगुन्नन सी. ने कहा कि सरकार को विकलांग लोगों के लिए आरक्षित पदों की पहचान करनी चाहिए, विशेष भर्ती परीक्षा आयोजित करनी चाहिए और उन्हें स्थायी रोजगार प्रदान करना चाहिए। यह माँगें न केवल आर्थिक समर्थन बल्कि सामाजिक समावेशन की दिशा में भी महत्वपूर्ण हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that increasing financial support and ensuring free public transport can significantly improve the mobility and independence of visually impaired citizens, leading to higher participation in education and employment sectors.
"सभी सार्वजनिक सेवाओं में समावेशी नीति तभी सफल होगी जब वित्तीय सहायता और बुनियादी सुविधाएँ समान रूप से प्रदान की जाएँ," कहते हैं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रवीना सिंह।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या इन माँगों को लागू करने के लिए कोई विधायी प्रक्रिया है?
उत्तर: हाँ, राज्य सरकार को अपने बजट और सामाजिक कल्याण योजनाओं में संशोधन करके इन माँगों को कानूनी रूप से लागू करना होगा।
प्रश्न 2: मुफ्त एसी बस यात्रा का लाभ कौन‑से समूह को मिलेगा?
उत्तर: यह लाभ सभी प्रमाणित दृष्टिबाधित व्यक्तियों को मिलेगा, चाहे उनकी आय स्तर कुछ भी हो।