दिल्ली सरकार ने हालिया अग्निकांडों के बाद अग्नि सेवा नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नए नियमों के तहत ऊंची इमारतों में स्मोक बैरियर, रिफ्यूज एरिया और फायर लिफ्ट जैसी सुविधाएं अनिवार्य कर दी गई हैं।
- दिल्ली सरकार ने अग्नि सेवा (संशोधन) नियम, 2026 अधिसूचित किए।
- ऊंची इमारतों के लिए स्मोक बैरियर, रिफ्यूज एरिया और फायर लिफ्ट अनिवार्य।
- नियमों को एकीकृत भवन उपनियमों (UBBL) के साथ जोड़ा गया है।
- सुरक्षा मानकों में पारदर्शिता के लिए थर्ड-पार्टी ऑडिट अनिवार्य।
दिल्ली सरकार ने हाल ही में हुई मालवीय नगर होटल की दुखद आग, जिसमें 23 लोगों की जान चली गई थी, के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। गृह विभाग ने दिल्ली अग्नि सेवा (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है, जो इमारतों की सुरक्षा के लिए नए और सख्त मानक निर्धारित करता है।
इन नए संशोधनों का मुख्य उद्देश्य ऊंची इमारतों में आग लगने की स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करना है। अब सभी ऊंची इमारतों को छह मीटर का फायर इंजन एक्सेस, सुरक्षित निकास मार्ग, फायर लिफ्ट, स्प्रिंकलर सिस्टम और स्मोक बैरियर (धुआं रोकने वाली दीवारें) सुनिश्चित करनी होंगी। इसके अलावा, आपातकालीन बिजली बैकअप और समर्पित फायर कंट्रोल रूम की स्थापना भी अब अनिवार्य है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली जैसे घने बसे महानगर में जहां ऊंची इमारतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहां सुरक्षा मानकों में ढील जानलेवा साबित हो सकती है। ये नए नियम न केवल तकनीकी सुधार करते हैं, बल्कि जवाबदेही भी तय करते हैं।
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा, 'इन संशोधित नियमों का उद्देश्य अग्नि सुरक्षा मानकों को आधुनिक, अनिवार्य और जवाबदेह बनाना है ताकि प्रत्येक नागरिक सुरक्षित महसूस कर सके।'
नए नियमों के तहत, सुरक्षा मानकों का निर्धारण इमारत की ऊंचाई और उसके उपयोग की श्रेणी (जैसे आवासीय या व्यावसायिक) के आधार पर किया जाएगा। यह प्रणाली अब एकीकृत भवन उपनियमों (UBBL) के साथ सीधे तौर पर जुड़ी होगी। यदि किसी विशेष इमारत के लिए उपनियमों में स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं, तो दिल्ली अग्नि सेवा के निदेशक अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने का निर्देश दे सकते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
दिल्ली में अग्नि सुरक्षा की मांग पिछले कुछ वर्षों में कई बड़ी घटनाओं के बाद बढ़ी है। मालवीय नगर जैसी घटनाएं अक्सर सुरक्षा प्रमाण पत्रों (NOC) के अनुपालन में कमी और पुरानी इमारतों में आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम के अभाव के कारण होती हैं।
Frequently Asked Questions
1. ये नए नियम कब से लागू होंगे?
ये नियम उस तारीख से लागू होंगे जिस दिन दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा संशोधित UBBL-2016 अधिसूचित किया जाएगा।
2. क्या पुराने आवेदनों पर भी ये नियम लागू होंगे?
नहीं, जो आवेदन लागू होने की तारीख से पहले जमा किए जा चुके हैं, उन्हें पुराने नियमों के तहत ही संसाधित किया जाएगा।