2027 में होने वाले गोदावरी पुष्करम के भव्य आयोजन की तैयारी के तहत भद्राचलम में नए घाटों के निर्माण का काम शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए महत्वपूर्ण बजट आवंटित किया है।

  • 2027 के गोदावरी पुष्करम के लिए भद्राचलम में घाट निर्माण कार्य शुरू।
  • परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹49 करोड़ है।
  • तीन चरणों में पूरा होगा विकास कार्य, मार्च तक पहले चरण का लक्ष्य।
  • श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर के पुनर्विकास के लिए ₹351 करोड़ स्वीकृत।

ऐतिहासिक मंदिर शहर भद्राचलम में 2027 में आयोजित होने वाले गोदावरी पुष्करम की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। शनिवार को स्थानीय विधायक तेल्लम वेंकट राव और जिला कलेक्टर अंकित की उपस्थिति में भूमि पूजा के साथ नए पुष्कर घाटों के निर्माण कार्य का आधिकारिक शुभारंभ किया गया।

राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण के लिए ₹46.65 करोड़ आवंटित किए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह पूरा कार्य तीन चरणों में संपन्न किया जाएगा, जिसकी कुल अनुमानित लागत लगभग ₹49 करोड़ होगी। इसमें दूसरे चरण के लिए ₹1.75 करोड़ और तीसरे चरण के लिए ₹60 लाख का प्रावधान किया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य अगले साल मार्च तक पूरा कर लिया जाए।

विकास के प्रमुख क्षेत्र

नए पुष्कर घाटों का निर्माण केवल भद्राचलम तक सीमित नहीं रहेगा। इसके अंतर्गत भद्राद्रि कोठागुडेम जिले के दुम्मुगुडेम मंडल के पर्णाशाला और बुरगामपाडु मंडल के मोतीपट्टिनगर में भी गोदावरी नदी के तट पर नए घाट विकसित किए जाएंगे। यह विस्तार तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बुनियादी ढांचा विकास केवल धार्मिक आयोजन के लिए नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देगा। पुष्करम जैसे आयोजन, जो हर 12 साल में एक बार होते हैं, लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं, जिससे परिवहन और आवास की मांग बढ़ती है।

गुणवत्तापूर्ण निर्माण और समय सीमा का पालन ही इस विशाल धार्मिक आयोजन की सफलता की कुंजी होगी।

विधायक तेल्लम वेंकट राव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के उच्चतम मानकों का पालन किया जाए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ऐतिहासिक श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर के जीर्णोद्धार और पुनर्विकास के लिए सरकार ने ₹351 करोड़ की बड़ी राशि मंजूर की है, जिसका काम पहले से ही प्रगति पर है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए, उन्होंने सड़क और भवन विभाग से गोदावरी के किनारे स्थित 'करकट्टा' (बाढ़ तटबंध) के साथ एक पूर्ण सेवा सड़क बनाने का भी आग्रह किया है, ताकि पुष्करम के दौरान तीर्थयात्रियों की आवाजाही बिना किसी बाधा के सुगम हो सके।

Did You Know?: गोदावरी पुष्करम एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिंदू धार्मिक उत्सव है जो प्रत्येक 12 वर्ष में एक बार आयोजित किया जाता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए एकत्रित होते हैं।

Frequently Asked Questions

1. गोदावरी पुष्करम कब आयोजित किया जाएगा?
अगला गोदावरी पुष्करम वर्ष 2027 में आयोजित किया जाएगा।

2. इस परियोजना के लिए कुल कितना बजट आवंटित किया गया है?
घाट निर्माण के लिए तीन चरणों में कुल ₹49 करोड़ का अनुमानित बजट निर्धारित किया गया है।