बारामती सांसद सुप्रिया सुले ने पुणे नगर निगम (PMC) की जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी परीक्षा कराने की मांग की है।
- सुप्रिया सुले ने PMC जूनियर इंजीनियर भर्ती में पेपर लीक का आरोप लगाया।
- नगर निगम आयुक्त ने पेपर लीक से इनकार करते हुए इसे केवल तीन छात्रों की धोखाधड़ी बताया।
- सुले ने मांग की है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए।
- तीन छात्रों और दो अन्य सहयोगियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
पुणे नगर निगम (PMC) की जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। बारामती की सांसद सुप्रिया सुले ने शनिवार को आरोप लगाया कि जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा के दौरान पेपर लीक हुआ था। सुले ने इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने और एक निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, पुणे नगर निगम के आयुक्त नवल किशोर राम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ है, बल्कि तीन छात्रों ने परीक्षा केंद्र के भीतर धोखाधड़ी की थी। आयुक्त के अनुसार, उन तीन छात्रों के परिणाम अवैध घोषित कर दिए गए हैं और उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल तीन छात्रों की धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि पेपर लीक की पुष्टि होती है, तो यह हजारों योग्य उम्मीदवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
"जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि यह धांधली केवल तीन व्यक्तियों तक सीमित थी, तब तक पूरी प्रक्रिया पर संदेह बना रहेगा।" - राजनीतिक विश्लेषक का मत।
सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि PMC ने यह स्वीकार किया है कि पेपर केवल तीन छात्रों के पास पहुंचा, जो अपने आप में एक गंभीर घटना है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नगर निगम यह गारंटी दे सकता है कि यह गड़बड़ी केवल तीन लोगों तक सीमित थी? सुले का तर्क है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति करना गलत है।
नगर निगम आयुक्त ने तकनीकी साक्ष्यों का हवाला देते हुए बताया कि IBPS और TCS iON के डेटा लॉग्स से पता चला है कि तीन उम्मीदवारों ने परीक्षा के दौरान संदिग्ध व्यवहार किया। उन्होंने बताया कि इन छात्रों ने शुरू के 30 मिनट तक प्रश्नों को केवल स्कैन किया और फिर बहुत तेजी से उत्तर दिए। सीसीटीवी फुटेज और लॉग डेटा ने इस धोखाधड़ी की पुष्टि की है।
Frequently Asked Questions
1. सुप्रिया सुले की मुख्य मांग क्या है?
सुले ने मांग की है कि वर्तमान जूनियर इंजीनियर भर्ती प्रक्रिया को रद्द किया जाए और पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से पारदर्शी तरीके से आयोजित किया जाए।
2. PMC आयुक्त का इस पर क्या रुख है?
आयुक्त का कहना है कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ है, केवल तीन छात्रों ने परीक्षा के दौरान नकल की थी, जिसके खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है।