लातेहार जिले में बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 74.92% लक्ष्य प्राप्त किया गया है। जहाँ बालूमाथ और लातेहार प्रखंडों ने लक्ष्य को पार कर लिया है, वहीं सरयू और गारू जैसे क्षेत्रों में बीमा कवरेज बेहद कम है।
- जिले में कुल 28,765 किसानों ने फसल बीमा कराया है, जो 74.92% लक्ष्य है।
- बालूमाथ और लातेहार प्रखंडों ने अपने निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।
- सरयू प्रखंड में मात्र 12.59% लक्ष्य पूरा हुआ, जो सबसे खराब स्थिति है।
- विभाग और बीमा कंपनी को पिछड़े क्षेत्रों में जागरूकता शिविर लगाने की आवश्यकता है।
झारखंड के लातेहार जिले में बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2026) के क्रियान्वयन को लेकर मिश्रित परिणाम सामने आए हैं। टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा संचालित इस अभियान के तहत जिले ने अब तक कुल लक्ष्य का 74.92% हिस्सा हासिल कर लिया है। विभाग द्वारा 23 अगस्त तक जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, जिले के लिए निर्धारित 31,329 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 28,765 किसानों ने अपने खेतों का बीमा कराया है।
प्रखंडवार प्रदर्शन: सफलता और विफलता का अंतर
जिले के विभिन्न प्रखंडों के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर एक स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। बालूमाथ प्रखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3,510 के लक्ष्य के मुकाबले 4,403 किसानों के आवेदन प्राप्त कर जिले में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह, लातेहार प्रखंड ने भी 5,130 के लक्ष्य के विरुद्ध 6,726 आवेदन प्राप्त कर 108% से अधिक की उपलब्धि हासिल की है।
हालाँकि, जिले के कुछ अन्य प्रखंडों में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। महुआडांड़ (49.71%), हेरहंज (46.36%), और बरवाडीह (44.99%) में बीमा कवरेज आधे से भी कम है। सबसे खराब स्थिति गारू प्रखंड की है जहाँ मात्र 20.49% लक्ष्य पूरा हुआ है, जबकि सरयू प्रखंड इस सूची में सबसे नीचे है, जहाँ 810 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 123 किसानों का ही बीमा हो सका है, जो मात्र 12.59% है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि फसल बीमा केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह किसानों के लिए वित्तीय सुरक्षा कवच है। लातेहार जैसे क्षेत्रों में, जहाँ कृषि पूरी तरह मौसम पर निर्भर है, बीमा कवरेज में कमी का मतलब है कि आपदा की स्थिति में किसान अत्यधिक ऋण और गरीबी के जाल में फंस सकते हैं। पिछड़े प्रखंडों में कम कवरेज का सीधा संबंध जागरूकता की कमी और सूचना के अभाव से है।
"अभी मैं बाहर हूं। डेटा देखने के बाद ही मैं इस पर विस्तृत कार्रवाई कर पाऊंगी।" - आशा टोप्पो, जिला सहकारिता पदाधिकारी, लातेहार।
प्रखंडवार बीमा कवरेज डेटा
| प्रखंड | लक्ष्य | प्राप्त आवेदन | उपलब्धि (%) |
|---|---|---|---|
| बालूमाथ | 3,510 | 4,403 | 111.05% |
| लातेहार | 5,130 | 6,726 | 108.36% |
| मनिका | 4,050 | 6,264 | 99.23% |
| महुआडांड़ | 3,780 | 2,103 | 49.71% |
| गारू | 1,620 | 538 | 20.49% |
| सरयू | 810 | 123 | 12.59% |
Frequently Asked Questions
1. लातेहार में किस प्रखंड ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है?
बालूमाथ प्रखंड ने 111.05% के साथ जिले में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है।
2. सरयू प्रखंड में बीमा कवरेज कम क्यों है?
कम कवरेज का मुख्य कारण जागरूकता की कमी और सरकारी योजनाओं की जानकारी का अभाव माना जा रहा है।