ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (GVMC) ने शहर के बुनियादी ढांचे और सड़कों के विकास के लिए ₹400 करोड़ का भारी-भरकम बजट प्राप्त किया है। इस योजना के तहत 205 किलोमीटर लंबी सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा।

  • GVMC और VMRDA मिलकर ₹400 करोड़ का निवेश करेंगे।
  • 205 किलोमीटर लंबी कच्ची सड़कों को पक्की (BT/CC) सड़कों में बदला जाएगा।
  • विकास कार्य शहर के सभी 10 पुनर्गठित ज़ोन में प्राथमिकता के आधार पर किए जाएंगे।

विशाखापत्तनम के शहरी परिदृश्य को बदलने के लिए एक बड़ी घोषणा की गई है। नगर प्रशासन और शहरी विकास (MA&UD) विभाग ने रविवार को ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (GVMC) के लिए सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों हेतु ₹400 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। GVMC आयुक्त केतन गर्ग ने इस महत्वपूर्ण निर्णय की पुष्टि की है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत, GVMC सीमा के भीतर उच्च और मध्यम घनत्व वाले क्षेत्रों में स्थित लगभग 205 किलोमीटर लंबी मौजूदा बजरी (Gravel) और वॉटर बाउंड मैकाडम (WBM) सड़कों को बिटुमिनस (BT) या सीमेंट कंक्रीट (CC) सड़कों में अपग्रेड किया जाएगा। इसमें केवल सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि फुटपाथ और अन्य संबंधित बुनियादी ढांचे का निर्माण भी शामिल होगा।

निधि का वितरण और कार्य प्रणाली

इस ₹400 करोड़ के कुल बजट का वित्तपोषण एक संयुक्त मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। GVMC अपने स्वयं के कोष से ₹200 करोड़ का योगदान देगा, जबकि विशाखापत्तनम महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (VMRDA) शेष ₹200 करोड़ प्रदान करेगा। VMRDA अपनी हिस्सेदारी GVMC को स्थानांतरित करेगा, और सभी कार्य 'डिपॉजिट कॉन्ट्रिब्यूशन वर्क्स' (DCW) मोड के तहत GVMC द्वारा निष्पादित किए जाएंगे।

यह निवेश विशाखापत्तनम को एक आधुनिक मेगा-सिटी के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

परियोजना के चार मुख्य स्तंभ

आयुक्त के अनुसार, इस कार्य योजना को सभी 10 पुनर्गठित GVMC ज़ोन में 'सैचुरेशन मोड' में लागू किया जाएगा। विकास कार्यों को मुख्य रूप से चार महत्वपूर्ण घटकों में विभाजित किया गया है:
1. उन्नत सड़कें
2. सेंट्रल मीडियंस (मध्य डिवाइडर)
3. केंद्रीय प्रकाश व्यवस्था (Street Lighting)
4. जल निकासी प्रणाली (Drains)

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस तरह के व्यापक बुनियादी ढांचागत सुधार न केवल यातायात को सुगम बनाएंगे, बल्कि शहरी बाढ़ की समस्या को कम करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में भी सहायक होंगे। कार्य शुरू करने से पहले, एक विस्तृत क्षेत्र सर्वेक्षण और लागत अनुमान तैयार किया जाएगा ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजना को सटीक बनाया जा सके।

Did You Know?: विशाखापत्तनम को 'सिटी ऑफ विजई' के रूप में भी जाना जाता है और यह आंध्र प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक और समुद्री केंद्र है।

Frequently Asked Questions

1. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य शहर की खराब सड़कों को पक्की सड़कों में बदलना और जल निकासी एवं प्रकाश व्यवस्था में सुधार करना है।

2. इस बजट में किसका कितना योगदान है?
GVMC और VMRDA दोनों समान रूप से ₹200-₹200 करोड़ का योगदान दे रहे हैं।