स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों में भारी गिरावट के बाद, कोझिकोड नगर निगम अब बीच फूड स्ट्रीट के कचरा प्रबंधन के लिए एक निजी एजेंसी की नियुक्ति करने जा रहा है।

  • नगर निगम कचरा प्रबंधन के लिए 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट' (EoI) आमंत्रित करेगा।
  • खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षण में कई स्टालों पर गंभीर स्वच्छता खामियां मिलीं।
  • लगभग 90 स्टॉल संचालित हैं, जिनमें से कई को नोटिस जारी किए गए हैं।

केरल के कोझिकोड में स्थित प्रसिद्ध 'बीच फूड स्ट्रीट' वर्तमान में स्वच्छता और हाइजीन के गंभीर संकट से जूझ रहा है। बार-बार मिल रही शिकायतों और हालिया निरीक्षणों के बाद, कोझिकोड नगर निगम ने यह निर्णय लिया है कि सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों को एक पेशेवर एजेंसी को आउटसोर्स किया जाएगा। निगम के स्वास्थ्य स्थायी समिति के अध्यक्ष के. राजीव ने पुष्टि की है कि आगामी एक महीने के भीतर एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा।

हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा द्वारा किए गए एक संयुक्त निरीक्षण ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई स्टालों पर भोजन को स्टोर करने और परोसने के तरीके पूरी तरह से असुरक्षित थे। परिणामस्वरूप, एक पुशकार्ट स्टॉल को अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में संचालित करने के लिए बंद करने का नोटिस दिया गया, जबकि आधा दर्जन अन्य भोजनालयों को स्वच्छता बनाए रखने में विफल रहने पर नोटिस जारी किए गए।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the transition from municipal management to a specialized agency indicates a systemic failure in maintaining public-private spaces. When a high-footfall tourist spot like the Beach Food Street fails in basic hygiene, it not only risks public health but also damages the city's tourism brand. The reliance on an external agency suggests that the corporation lacks the manpower or logistical efficiency to manage daily waste in high-density zones.

"Public health infrastructure in tourist hubs must be proactive rather than reactive; waiting for a crisis to outsource management is a risky precedent."

व्यापारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में लगभग 90 पुशकार्ट और स्टॉल हैं। हालांकि स्टालों के सामने का हिस्सा साफ दिखता है, लेकिन पीछे का हिस्सा, जो समुद्र तट की ओर है, अत्यंत अस्वास्थ्यकर है। बारिश के दिनों में सड़क पर पानी भर जाना और अपशिष्ट जल भंडारण टैंकों का बार-बार ओवरफ्लो होना एक बड़ी समस्या बन गया है। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि निगम द्वारा अपशिष्ट जल की नियमित सफाई न करना इस गंदगी का मुख्य कारण है।

नगर निगम की उप महापौर एस. जयश्री ने स्पष्ट किया कि इस कदम का उद्देश्य सफाई व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और कुशल बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि निगम पहले से ही व्यापारियों से ₹1,200 का मासिक शुल्क वसूल रहा है, इसलिए इस आउटसोर्सिंग से निगम पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

क्या आप जानते हैं?: कोझिकोड बीच फूड स्ट्रीट को पर्यटकों को एक स्वच्छ और आकर्षक वातावरण में स्थानीय व्यंजनों का अनुभव कराने के लिए शुरू किया गया था।
विशेषता वर्तमान स्थिति प्रस्तावित मॉडल
प्रबंधन नगर निगम (सीमित संसाधन) विशेषज्ञ निजी एजेंसी
अपशिष्ट संग्रहण अनियमित/शिकायत आधारित नियमित और व्यवस्थित
निगरानी समय-समय पर निरीक्षण निरंतर स्वच्छता प्रबंधन

Frequently Asked Questions

1. क्या व्यापारियों के लिए शुल्क बढ़ेगा?
नहीं, उप महापौर के अनुसार, मौजूदा मासिक शुल्क से ही एजेंसी का प्रबंधन किया जाएगा।

2. किन दुकानों पर कार्रवाई की गई है?
अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों के कारण एक स्टॉल को बंद करने का नोटिस मिला और 6 अन्य को चेतावनी दी गई।