कोच्चि के पश्चिमी इलाकों और कलूर क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या को दूर करने के लिए पुरानी पाइपलाइनों को बदलने का निर्णय लिया गया है। फ्रांसीसी कंपनी SUEZ ने सर्वेक्षण के बाद इस कदम की सिफारिश की है।

  • पश्चिमी कोच्चि और कलूर क्षेत्रों की जर्जर पाइपलाइनों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाएगा।
  • एसबेस्टस-सीमेंट पाइपों की जगह अब हाई-डेंसिटी पॉलीइथाइलीन (HDPE) पाइप लगाए जाएंगे।
  • एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा वित्तपोषित इस परियोजना की कुल लागत ₹1,141.28 करोड़ है।

केरल जल प्राधिकरण (KWA) के नेटवर्क के संचालन और रखरखाव का जिम्मा संभालने वाली फ्रांसीसी कंपनी SUEZ ने कोच्चि नगर निगम क्षेत्र में एक व्यापक प्रारंभिक मूल्यांकन पूरा किया है। इस सर्वेक्षण के परिणामों से पता चला है कि कोच्चि के पश्चिमी क्षेत्रों में पाइपलाइनों की स्थिति अत्यंत दयनीय है, जिससे पेयजल आपूर्ति में गंभीर संदूषण (Contamination) का खतरा पैदा हो गया है।

SUEZ के अधिकारियों के अनुसार, कई पाइपलाइनें नहरों के बिल्कुल करीब स्थित हैं। चूंकि ये पाइप पुराने हो चुके हैं और इनके जोड़ ढीले पड़ गए हैं, इसलिए जब पानी की आपूर्ति रुकती है या दबाव कम होता है, तो बाहरी दूषित पानी पाइपों के अंदर रिसने लगता है। यह स्थिति सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है, जिसके कारण पश्चिमी कोच्चि और कलूर क्षेत्रों को प्राथमिकता सूची में रखा गया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह परियोजना केवल पाइप बदलना नहीं है, बल्कि शहरी जल बुनियादी ढांचे का एक आधुनिक पुनर्गठन है। पुराने एसबेस्टस पाइपों का उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, और उन्हें HDPE पाइपों से बदलना दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करेगा। यह कदम कोच्चि की बढ़ती जनसंख्या और भविष्य की पानी की मांग को पूरा करने के लिए अनिवार्य है।

"पुराने बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण केवल सुविधा नहीं, बल्कि शहरी स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता है।"

इस ₹1,141.28 करोड़ की परियोजना को एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा वित्तपोषित किया जा रहा है। अनुबंध के तहत, SUEZ कुल 750 किलोमीटर के पाइपलाइन नेटवर्क को बदलने का कार्य करेगा। वर्तमान में, कंपनी हाइड्रोलिक मॉडलिंग का उपयोग कर रही है ताकि अगले 30 वर्षों तक की पानी की मांग, ऊंचाई और पाइप के आकार का सटीक पूर्वानुमान लगाया जा सके।

नेटवर्क के सटीक निर्धारण के लिए केवल वॉक-थ्रू सर्वे पर्याप्त नहीं है। KWA के सूत्रों का कहना है कि पाइपलाइनों के वास्तविक संरेखण (Alignment) की पुष्टि करने और भूमिगत बुनियादी ढांचे के निरीक्षण के लिए अब 'ट्रायल पिट्स' और खुदाई की जाएगी।

इसके साथ ही, कंपनी ने कोच्चि निगम के लगभग 1,50,000 घरों का डोर-टू-डोर उपभोक्ता सर्वेक्षण पूरा कर लिया है, जबकि लगभग 75,000 से 80,000 घरों का सर्वेक्षण अभी बाकी है। यह डेटा यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि नए नेटवर्क का डिजाइन वास्तविक उपभोक्ता मांग पर आधारित हो।

विशेषता पुरानी प्रणाली नई प्रणाली (SUEZ)
पाइप सामग्री एसबेस्टस-सीमेंट HDPE (हाई-डेंसिटी पॉलीइथाइलीन)
सुरक्षा स्तर रिसाव और संदूषण का खतरा लीक-प्रूफ और संदूषण मुक्त
नियोजन सीमित डेटा/पुराना नक्शा हाइड्रोलिक मॉडलिंग (30 वर्ष का पूर्वानुमान)
क्या आप जानते हैं?: HDPE पाइप अपनी लचीलापन और जंग-रोधी गुणों के कारण दुनिया भर में आधुनिक जल वितरण प्रणालियों के लिए पहली पसंद बन गए हैं।

Frequently Asked Questions

1. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य पुरानी, लीक होने वाली पाइपलाइनों को बदलना है ताकि पेयजल में बाहरी दूषित पदार्थों के मिलने की समस्या को समाप्त किया जा सके।

2. परियोजना का वित्तपोषण कौन कर रहा है?
इस ₹1,141.28 करोड़ की विशाल परियोजना को एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा फंड किया जा रहा है।