जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर बिजली फॉल्ट और कंप्यूटर खराब होने के कारण NEET PG परीक्षा में भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ, जिससे सैकड़ों मेडिकल छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
- जयपुर के NEET PG सेंटर पर बिजली फॉल्ट के कारण परीक्षा शुरू होने में देरी।
- छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान 2 घंटे में 10 बार कंप्यूटर बंद हुए।
- तकनीकी विफलता के कारण छात्रों के कीमती समय का नुकसान और मानसिक तनाव।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित NEET PG परीक्षा के दौरान प्रशासन की एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। परीक्षा केंद्र पर बिजली की समस्या (Power Fault) के कारण न केवल पेपर शुरू करने में देरी हुई, बल्कि जो छात्र परीक्षा दे रहे थे, उन्हें भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। छात्रों का आरोप है कि बिजली गुल होने और कंप्यूटर के बार-बार क्रैश होने से उनकी एकाग्रता भंग हुई और समय की भारी बर्बादी हुई।
घटना के दौरान केंद्र पर काफी हंगामा हुआ। छात्रों ने बताया कि परीक्षा के शुरुआती दो घंटों के भीतर लगभग 10 बार कंप्यूटर सिस्टम बंद हुए। इस तकनीकी खराबी ने न केवल परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि उन उम्मीदवारों के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित किया है जिन्होंने इस कठिन परीक्षा के लिए महीनों मेहनत की थी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such systemic failures in high-stakes national exams reflect a lack of adequate infrastructure auditing by the organizing bodies. When a competitive exam like NEET PG, which determines the specialization of future doctors, is marred by basic utility failures, it undermines the credibility of the entire digital examination process in India.
"Infrastructure readiness is as critical as the question paper itself; any technical glitch in a competitive exam is a violation of the student's right to a fair opportunity."
ऐतिहासिक रूप से, भारत में कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं (CBT) में इस तरह की समस्याएं देखी गई हैं, लेकिन मेडिकल पीजी जैसी संवेदनशील परीक्षा में ऐसी लापरवाही अक्षम्य है। छात्रों ने अब प्रशासन से मुआवजे या पुन: परीक्षा की मांग की है ताकि उनके करियर के साथ अन्याय न हो।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: जयपुर सेंटर पर मुख्य समस्या क्या थी?
उत्तर: मुख्य समस्या बिजली का फॉल्ट था, जिसके कारण कंप्यूटर बार-बार बंद हो रहे थे और परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी।
प्रश्न 2: छात्रों ने प्रशासन से क्या मांग की है?
उत्तर: प्रभावित छात्रों ने इस तकनीकी विफलता के कारण हुए समय के नुकसान की भरपाई और उचित समाधान की मांग की है।