पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार में 28 वर्षीय संदीप की स्ट्रीट लाइट पोल के संपर्क में आने से करंट लगने के बाद मौत हो गई। परिवार ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के रखरखाव में लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है।

  • 28 वर्षीय संदीप की आनंद विहार में स्ट्रीट लाइट पोल से करंट लगने से मौत।
  • परिवार ने PWD और संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
  • पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।
  • PWD का दावा है कि फिलहाल किसी तकनीकी खराबी का पता नहीं चला है।

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार इलाके में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ 28 वर्षीय संदीप की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि संदीप, जो एक केयरगिवर के रूप में काम करता था, जब रात के समय घर लौट रहा था, तब वह एक स्ट्रीट लाइट पोल के संपर्क में आया और करंट की चपेट में आ गया। इस हादसे के बाद वह एक गड्ढे में गिर गया, जिससे उसकी जान चली गई।

घटनाक्रम और परिवार का दर्द

घटना 26 अगस्त की रात करीब 8 बजे की है। संदीप अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके चाचा सुंदरलाल ने बताया कि जब संदीप समय पर घर नहीं पहुँचा, तो परिवार को अनहोनी की आशंका हुई। रात लगभग 9:50 बजे जब उन्होंने उसे फोन किया, तो कॉल कट गया और उसके बाद उसका मोबाइल भी बंद मिला। करीब 12 घंटे की तलाश के बाद, गुरुवार सुबह पुलिस को उसका शव एक गड्ढे से बरामद हुआ।

संदीप के परिजनों का आरोप है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासन की घोर लापरवाही का परिणाम है। उनके अनुसार, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (public infrastructure) का रखरखाव ठीक से न होने के कारण यह हादसा हुआ। मृतक के चचेरे भाई मनीष ने कहा, "हम केवल सच्चाई चाहते हैं। जिसने भी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदारी ली है, उसे सजा मिलनी चाहिए।"

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि शहरी क्षेत्रों में बिजली के बुनियादी ढांचे का रखरखाव एक गंभीर सुरक्षा मुद्दा बना हुआ है। अक्सर देखा जाता है कि मानसून या खराब मौसम के दौरान स्ट्रीट लाइट और बिजली के खंभों में लीकेज की समस्या बढ़ जाती है, जो नागरिकों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

सार्वजनिक संपत्तियों का नियमित ऑडिट और रखरखाव केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी है।

PWD का पक्ष और जांच की स्थिति

मामला लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकार क्षेत्र में आता है। PWD ने एक बयान जारी कर दुख व्यक्त किया है और कहा है कि दिल्ली सरकार के निर्देशानुसार मामले की गहन जांच की जा रही है। हालांकि, विभाग का प्रारंभिक दावा है कि अब तक के तकनीकी परीक्षण में स्ट्रीट लाइट पोल से किसी भी प्रकार के 'करंट लीकेज' या तकनीकी खराबी का पता नहीं चला है।

पुलिस ने इस मामले में लापरवाही का केस दर्ज कर लिया है। जांच का मुख्य केंद्र यह निर्धारित करना है कि क्या किसी एजेंसी या व्यक्ति ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया है।

Did You Know?: दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहरों में बिजली के खंभों का रखरखाव एक जटिल कार्य है, जिसमें मानसून के दौरान विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है।

Frequently Asked Questions

1. संदीप की मौत का क्या कारण बताया जा रहा है?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मौत का कारण बिजली का झटका (electrocution) बताया गया है।

2. क्या PWD ने कोई गलती मानी है?
नहीं, PWD का कहना है कि अब तक के निरीक्षण में कोई तकनीकी खराबी या करंट लीकेज नहीं पाया गया है।