प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के माध्यम से देशवासियों से नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प लेने की अपील की है। साथ ही, उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के जरिए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर भी जोर दिया।

  • प्रधानमंत्री ने युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए 'नशा मुक्त भारत अभियान' का समर्थन किया।
  • पीएम स्वनिधि योजना के तहत लगभग 35 लाख महिलाएं अपने व्यवसाय का विस्तार कर रही हैं।
  • नशा मुक्त भारत अभियान का लक्ष्य जागरूकता और पुनर्वास के माध्यम से समाज को बदलना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में देशवासियों से एक सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को नशे के बढ़ते खतरे से आगाह करते हुए कहा कि एक विकसित भारत के लिए युवाओं का नशा मुक्त होना अनिवार्य है।

प्रधानमंत्री ने 'नशा मुक्त भारत अभियान' (NMBA) की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि यह अभियान अब पूरे देश में एक जन आंदोलन का रूप ले रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका लक्ष्य केवल नशा रोकना नहीं, बल्कि जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और पुनर्वास के माध्यम से एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।

नशा मुक्त भारत: एक राष्ट्रव्यापी संकल्प

बता दें कि 'नशा मुक्त भारत अभियान' की शुरुआत 15 अगस्त 2020 को की गई थी। यह राष्ट्रीय नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने की कार्य योजना (NAPDDR) के तहत एक प्रमुख पहल है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों के सेवन को रोकने के लिए सामाजिक पुनर्गठन और उपचार पर ध्यान केंद्रित करना है।

नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की असली नींव रख सकते हैं।

पीएम स्वनिधि योजना और महिला सशक्तिकरण

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना की सफलता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि लाखों महिलाओं के लिए सम्मान और पहचान का जरिया बन गई है।

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका महिला केंद्रित प्रभाव है। प्रधानमंत्री ने साझा किया कि इस योजना के लाभार्थियों में लगभग 46% महिलाएं हैं, जिसका अर्थ है कि देश भर में लगभग 35 लाख महिलाएं अपने छोटे व्यवसायों को बढ़ाने और अपने परिवारों का भविष्य संवारने में सफल हो रही हैं।

Why This Matters

यह खबर दो महत्वपूर्ण सामाजिक स्तंभों को जोड़ती है: स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन। जहां एक ओर नशाखोरी देश की युवा शक्ति को खोखला कर रही है, वहीं दूसरी ओर सूक्ष्म ऋण योजनाएं जमीनी स्तर पर आर्थिक स्थिरता ला रही हैं।

Did You Know?: पीएम स्वनिधि योजना को कोविड-19 महामारी के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए शुरू किया गया था।

Frequently Asked Questions

1. नशा मुक्त भारत अभियान क्या है?
यह सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य जागरूकता और पुनर्वास के माध्यम से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकना है।

2. पीएम स्वनिधि योजना का विस्तार कब तक किया गया है?
इस योजना को 31 मार्च 2030 तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

विशेषतानशा मुक्त भारत अभियानपीएम स्वनिधि योजना
मुख्य लक्ष्ययुवाओं को नशे से बचानारेहड़ी-पटरी वालों को वित्तीय सहायता
प्रमुख लाभार्थीदेश का युवा वर्गमहिलाएं और छोटे विक्रेता