केरल के तिरुवनंतपुरम में ओणम पर्यटन सप्ताह के समापन पर एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसे उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस समारोह में राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विभिन्न राज्यों की कलाओं का प्रदर्शन किया गया।
- उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने तिरुवनंतपुरम में ओणम समारोह के समापन समारोह का शुभारंभ किया।
- शोभायात्रा में 60 से अधिक सरकारी विभागों और 100 से अधिक पारंपरिक कला रूपों ने भाग लिया।
- समारोह में 'महाबली' के रथ और विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक दलों ने आकर्षण का केंद्र बनाया।
केरल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, कला रूपों और आकांक्षाओं को प्रदर्शित करते हुए, राज्य सरकार द्वारा आयोजित सप्ताह भर चलने वाले आधिकारिक ओणम उत्सव का रविवार शाम को एक रंगीन शोभायात्रा के साथ समापन हुआ। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शाम 5 बजे के कुछ समय बाद कोवडियार स्थित लोक भवन गेट के पास एक विशेष रूप से बनाए गए मंडप से समापन दिवस की शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कोवडियार से ईस्ट फोर्ट तक के मार्ग पर हजारों की संख्या में लोग कलाकारों और भव्य झांकियों को देखने के लिए सड़कों के किनारे जमा हुए। कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्ति के माहौल में हुई, जहाँ सबसे पहले पूर्ण रूप में 'वंदे मातरम' गाया गया और उसके बाद राष्ट्रगान हुआ। इस गरिमामय अवसर पर केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, विधानसभा अध्यक्ष थिरुवनचूर राधाकृष्णन और कई अन्य कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक विविधता का संगम
इस वर्ष की शोभायात्रा केवल केरल तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें भारत की विविधता भी देखने को मिली। झांकियों में 69 सरकारी विभागों के साथ-साथ तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के सांस्कृतिक दल भी शामिल हुए। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण एक सजे-धजे रथ पर सवार 'महाबली' थे, जिन्होंने दर्शकों का मन मोह लिया।
केरल की यह सांस्कृतिक प्रदर्शनी न केवल परंपराओं को जीवित रखती है, बल्कि पर्यटन के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है।
जैसे-जैसे शाम ढली, कोवडियार से एलएमएस जंक्शन तक का पूरा क्षेत्र उत्सव की रोशनी से जगमगा उठा। सुरक्षा के दृष्टि से प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए थे। उपराष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए लोक भवन के एक किलोमीटर के दायरे को 'रेड ज़ोन' घोषित किया गया था और शहर में यातायात प्रतिबंध भी लागू किए गए थे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ओणम केरल का सबसे महत्वपूर्ण फसल उत्सव है, जो पौराणिक राजा महाबली के स्वागत में मनाया जाता है। यह त्योहार सामाजिक सद्भाव और समृद्धि का प्रतीक है, जिसे पूरे राज्य में अत्यंत उत्साह के साथ मनाया जाता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के बड़े पैमाने पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल राज्य की 'सॉफ्ट पावर' को बढ़ाते हैं, बल्कि 'ओणम पर्यटन सप्ताह' के माध्यम से वैश्विक स्तर पर केरल की पहचान को भी सुदृढ़ करते हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ओणम शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण क्या था?
उत्तर: इस वर्ष का मुख्य आकर्षण महाबली का सजे-धजे रथ और विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक दलों द्वारा प्रस्तुत विविध कला रूप थे।
प्रश्न 2: समारोह में किन प्रमुख नेताओं ने भाग लिया?
उत्तर: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर और मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने इस कार्यक्रम में शिरकत की।