उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने सरकारी चरागाह भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। नीमखेड़ा बझेड़ा गांव में एक अवैध मजार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया गया।

वीडियो लोड हो रहा है...
  • संभल के नीमखेड़ा बझेड़ा गांव में सरकारी चरागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाया गया।
  • तहसीलदार द्वारा धारा 67 के तहत बेदखली का आदेश जारी करने के बाद कार्रवाई हुई।
  • शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन थानों की पुलिस और पीएसी प्लाटून तैनात रही।

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जिला प्रशासन ने सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के अपने अभियान को और तेज कर दिया है। ताजा कार्रवाई रायसत्ती थाना क्षेत्र के नीमखेड़ा बझेड़ा गांव में की गई, जहां चरागाह की सरकारी भूमि (गाटा संख्या-1148) के लगभग 50 वर्ग मीटर हिस्से पर एक अवैध मजार का निर्माण किया गया था। प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से इस संरचना को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।

यह पूरी प्रक्रिया कानूनी प्रक्रियाओं के पालन के बाद संपन्न हुई। क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा भूमि पर अवैध कब्जे की रिपोर्ट दिए जाने के बाद तहसीलदार कोर्ट में मामला दर्ज किया गया था। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने 9 जून को धारा 67 के तहत बेदखली का आदेश जारी किया था। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान किसी भी पक्ष द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई, जिसके बाद 29 अगस्त को राजस्व टीम का गठन कर इस कार्रवाई को अंतिम रूप दिया गया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 'बुलडोजर एक्शन' अब केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्राम समाज की जमीनों को पुनः प्राप्त करने की एक व्यापक प्रशासनिक रणनीति बन गया है। चरागाह जैसी सार्वजनिक जमीनों का अतिक्रमण ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन को प्रभावित करता है, इसलिए प्रशासन अब इन जमीनों को मुक्त कराने पर विशेष जोर दे रहा है।

"सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सामुदायिक संसाधनों के समान वितरण में भी बाधा डालता है।"

कार्रवाई के दिन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। नायब तहसीलदार शुभम प्रताप सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर कुछ ही मिनटों में अवैध ढांचे को गिरा दिया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ अमन सिंह के निर्देशन में रायसत्ती, नखासा और असमोली थानों की पुलिस फोर्स के साथ एक प्लाटून पीएसी को तैनात किया गया था ताकि किसी भी प्रकार के तनाव या विरोध की स्थिति से निपटा जा सके।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से पारदर्शी और कानूनी रही है। ध्वस्त की गई जमीन को अब वापस ग्राम समाज को सौंप दिया गया है। संभल में पिछले कुछ समय से प्रशासन लगातार अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चला रहा है, जिसमें पीएसी की जमीनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों को मुक्त कराया गया है।

क्या आप जानते हैं?: उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 प्रशासन को यह शक्ति देती है कि वह बिना किसी लंबी न्यायिक प्रक्रिया के, निर्धारित नोटिस अवधि के बाद सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटा सके।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यह कार्रवाई किस गांव में की गई?
उत्तर: यह कार्रवाई संभल जिले के रायसत्ती थाना क्षेत्र के नीमखेड़ा बझेड़ा गांव में की गई।

प्रश्न 2: मजार को हटाने का कानूनी आधार क्या था?
उत्तर: तहसीलदार कोर्ट ने धारा 67 के तहत बेदखली का आदेश जारी किया था क्योंकि जमीन चरागाह (सरकारी) श्रेणी की थी और किसी ने इस पर आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी।