आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वेलिगोंडा परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया और इस ऐतिहासिक कार्य के पीछे मुख्य सूत्रधार कम्युनिस्ट नेता पूला सुब्बैया की बेटियों को सम्मानित किया।
- CM चंद्रबाबू नायडू ने वेलिगोंडा परियोजना के प्रथम चरण का आधिकारिक उद्घाटन किया।
- कम्युनिस्ट नेता पूला सुब्बैया की बेटियों, सुनंदा और विलासिनी को उनके पिता के योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
- यह परियोजना प्रकाशम, नेल्लोर और कडपा जिलों में पेयजल और सिंचाई की समस्या को दूर करेगी।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को मार्कपुरम जिले के डोरनला मंडल के गंतवनीपल्ली गांव में एक भव्य सार्वजनिक सभा के दौरान वेलिगोंडा परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कम्युनिस्ट नेता पूला सुब्बैया की दो बेटियों, सुनंदा और विलासिनी को सम्मानित किया, जिनके पिता के नाम पर इस महत्वपूर्ण परियोजना का नाम रखा गया है।
पूला सुब्बैया, जो मार्कपुरम निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधायक थे, ने प्रकाशम जिले के पश्चिमी क्षेत्र में सूखे की समस्या से लड़ने के लिए एक लंबा संघर्ष किया था। उन्होंने कृष्णा नदी के पानी को इस सूखाग्रस्त क्षेत्र की ओर मोड़ने के लिए व्यापक जन आंदोलन का नेतृत्व किया था। उनके अथक प्रयासों और जन-दबाव के कारण ही, तत्कालीन मुख्यमंत्री और TDP संस्थापक एन.टी. रामाराव के कार्यकाल के दौरान इस परियोजना की नींव रखी गई थी।
परियोजना के सामाजिक और राजनीतिक महत्व को देखते हुए, बाद में मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी ने जनता की मांग पर इस परियोजना का नाम बदलकर 'पूला सुब्बैया' के नाम पर रखा था। यह कदम सुब्बैया के उन संघर्षों को मान्यता देने के लिए उठाया गया था जिन्होंने इस क्षेत्र के लाखों किसानों और निवासियों के जीवन में बदलाव लाने का सपना देखा था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this gesture by CM Naidu is not just a formal ceremony but a strategic political move to acknowledge the contributions of leaders across the ideological spectrum. By honoring the daughters of a Communist leader, the TDP government is projecting an image of inclusivity and gratitude toward those who fought for the welfare of the drought-hit Rayalaseema and Prakasam regions.
The Veligonda project represents the triumph of persistent grassroots activism over bureaucratic delays, ensuring water security for millions.
कार्यक्रम के दौरान एक भावुक क्षण तब आया जब सुब्बैया की दूसरी बेटी, सुश्री विलासिनी ने मुख्यमंत्री नायडू को एक दूरदर्शी नेता बताया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने कभी कल्पना नहीं की थी कि वे इस परियोजना को हकीकत बनते देखेंगे। उन्होंने प्रकाशम, नेल्लोर और कडपा जिलों के लोगों की ओर से अपने पिता की सेवाओं को याद किया और परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए जल संसाधन मंत्री निम्माला रामा नायडू की सराहना की।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: वेलिगोंडा परियोजना का नाम किसके नाम पर रखा गया है?
उत्तर: इस परियोजना का नाम पूर्व विधायक और कम्युनिस्ट नेता पूला सुब्बैया के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने इस क्षेत्र में पानी लाने के लिए संघर्ष किया था।
प्रश्न 2: इस परियोजना से किन जिलों को लाभ होगा?
उत्तर: मुख्य रूप से प्रकाशम, नेल्लोर और कडपा जिलों को सिंचाई और पेयजल सुविधाओं का लाभ मिलेगा।