NC-JCM ने केंद्र सरकार से दशहरा बोनस की सीमा को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹21,000 करने का आग्रह किया है, जिसका आधार श्रम मंत्रालय का नया नोटिफिकेशन है।
- NC-JCM ने दशहरा बोनस को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹21,000 करने की मांग की है।
- यह मांग 25 अगस्त 2026 को श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना पर आधारित है।
- प्रस्तावित सीमा 21 नवंबर 2025 से पूर्वव्यापी प्रभाव (Retrospective) से लागू है।
- कर्मचारी संघों का तर्क है कि वर्तमान बोनस गणना पुरानी और अपर्याप्त है।
जैसे-जैसे त्योहारों का सीजन नजदीक आ रहा है, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए दशहरा बोनस 2026 को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकारी कर्मचारियों की मुख्य वार्ता इकाई, नेशनल काउंसिल फॉर जॉइंट कंसल्टेशन मशीनरी (NC-JCM) ने कैबिनेट सचिव को एक विस्तृत पत्र लिखकर बोनस की अधिकतम सीमा में भारी वृद्धि की मांग की है।
इस मांग का मुख्य आधार श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा 25 अगस्त 2026 को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना है। मजदूरी संहिता 2019 (Code on Wages 2019) की धारा 26(1) के तहत, सरकार ने बोनस पात्रता के लिए अधिकतम वेतन सीमा को बढ़ाकर ₹21,000 प्रति माह कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह केवल अधिक पैसों की मांग नहीं है, बल्कि कानूनी सामंजस्य का मामला है। वर्षों से, सरकारी कर्मचारियों का बोनस लगभग ₹7,000 पर सीमित रहा है, जो निजी क्षेत्र के पुराने न्यूनतम वेतन पैमानों पर आधारित था। अब NC-JCM सरकार को मई 2026 में 49वीं राष्ट्रीय परिषद बैठक के दौरान दिए गए वादे को निभाने के लिए मजबूर कर रहा है।
"₹21,000 की सीमा का पूर्वव्यापी कार्यान्वयन यह दर्शाता है कि अब विभागों को पिछले नौ महीनों के पेरोल और बोनस गणनाओं को संशोधित करना होगा।"
कानूनी विशेषज्ञों ने इस कानून के एक तकनीकी पहलू की ओर इशारा किया है। AQUILAW के पराग भिडे ने बताया कि धारा 26(1) केवल यह तय करती है कि कौन बोनस के लिए पात्र है, लेकिन यह अनिवार्य रूप से यह तय नहीं करती कि बोनस की गणना कैसे होगी। इसी अंतर के कारण अक्सर नियोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच भ्रम की स्थिति बनी रहती है।
दूसरी ओर, ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने वर्तमान प्रणाली को तर्कहीन बताया है। उन्होंने तर्क दिया कि अप्रैल 2026 तक सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कुशल और अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी दरों के आधार पर, बोनस कम से कम ₹27,694 होना चाहिए, जिससे ₹21,000 की मांग काफी सीमित लगती है।
| विशेषता | वर्तमान प्रणाली | प्रस्तावित/नई अधिसूचना |
|---|---|---|
| बोनस सीमा | लगभग ₹7,000 | ₹21,000 तक |
| कानूनी आधार | पुराने बोनस अधिनियम | मजदूरी संहिता 2019 |
| प्रभावी तिथि | निरंतर | 21 नवंबर 2025 (पूर्वव्यापी) |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. प्रस्तावित ₹21,000 बोनस के लिए कौन पात्र है?
श्रम और रोजगार मंत्रालय की नई अधिसूचना के अनुसार, ₹21,000 प्रति माह तक वेतन पाने वाले कर्मचारी इसके पात्र हैं।
2. सरकार अंतिम निर्णय कब लेगी?
हालांकि NC-JCM ने मांग सौंप दी है, लेकिन उत्पादकता आधारित बोनस (PLB) के आधिकारिक आदेश आमतौर पर दशहरा उत्सव से ठीक पहले जारी किए जाते हैं।