भारत के रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (DPSUs) ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1.29 लाख करोड़ का टर्नओवर हासिल किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अब इन 16 उपक्रमों की समीक्षा कर स्वदेशी तकनीक और निर्यात को और बढ़ावा देंगे।
- DPSUs का कुल टर्नओवर 15.4% बढ़कर ₹1.29 लाख करोड़ हुआ।
- रक्षा निर्यात में 151.2% की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई।
- शुद्ध लाभ (PAT) 15.6% बढ़कर ₹23,136 करोड़ तक पहुँचा।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को नई दिल्ली में सभी 16 रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (DPSUs) की वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा करेंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास में तेजी लाना, सैन्य आधुनिकीकरण को गति देना और वैश्विक स्तर पर भारत के रक्षा निर्यात को विस्तारित करना है।
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान DPSUs का वित्तीय प्रदर्शन अत्यंत प्रभावशाली रहा है। इन उपक्रमों का संयुक्त टर्नओवर पिछले वर्ष की तुलना में 15.4% की वृद्धि के साथ ₹1.29 लाख करोड़ तक पहुँच गया है। यह वृद्धि भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल की सफलता को दर्शाती है।
वित्तीय विवरणों पर नजर डालें तो, इन उपक्रमों का कुल कर पश्चात लाभ (Profit After Tax) ₹23,136 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 15.6% अधिक है। सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा निर्यात क्षेत्र में देखने को मिला है, जहाँ DPSUs ने 151.2% की भारी वृद्धि दर्ज की है, जो भारतीय रक्षा उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती स्वीकार्यता का प्रमाण है।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह वृद्धि केवल वित्तीय लाभ नहीं है, बल्कि भारत की रणनीतिक स्वायत्तता की ओर एक बड़ा कदम है। जब भारत अपने रक्षा उपकरणों का निर्यात बढ़ाता है, तो वह न केवल विदेशी मुद्रा अर्जित करता है, बल्कि वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभरता है। यह निर्भरता को कम करने और घरेलू विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ है।
"रक्षा निर्यात में 150% से अधिक की वृद्धि यह संकेत देती है कि भारतीय रक्षा हार्डवेयर अब वैश्विक मानकों पर खरा उतर रहा है।"
समीक्षा बैठक के दौरान, HAL, BEL, MDL, BDL, GRSE, BEML और MIDHANI जैसे प्रमुख DPSUs के सीएमडी सरकार को उनके इक्विटी शेयरहोल्डिंग के लिए लाभांश चेक सौंपेंगे। इसके अतिरिक्त, रक्षा मंत्री चार महत्वपूर्ण पुस्तकें जारी करेंगे, जिनमें 'आत्मनिर्भर DPSU' और HAL का आधुनिकीकरण रोडमैप शामिल है, जो भविष्य की तकनीकी दिशा निर्धारित करेंगे।
| पैरामीटर (Parameter) | वृद्धि (%) | कुल मूल्य (FY 2025-26) |
|---|---|---|
| कुल टर्नओवर | 15.4% | ₹1.29 लाख करोड़ |
| शुद्ध लाभ (PAT) | 15.6% | ₹23,136 करोड़ |
| रक्षा निर्यात | 151.2% | - |
1. DPSU का क्या अर्थ है?
DPSU का अर्थ है 'Defence Public Sector Undertaking', जो सरकारी स्वामित्व वाले वे संस्थान हैं जो रक्षा उपकरणों का निर्माण और विकास करते हैं।
2. इस समीक्षा बैठक का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इसका मुख्य लक्ष्य स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देना, निर्यात बढ़ाना और सैन्य आधुनिकीकरण की प्रगति का आकलन करना है।