5 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने ड्रोन निगरानी और फेशियल रिकग्निशन सहित बहुस्तरीय सुरक्षा योजना तैयार की है।
- दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट और PHQ पर किसी भी जमावड़े की अनुमति नहीं दी है।
- ड्रोन निगरानी, FRS और कॉल रिकॉर्ड विश्लेषण (CDR) का उपयोग किया जाएगा।
- BNSS की धारा 107, 116 और 163 के तहत निवारक कार्रवाई की योजना है।
- यह प्रदर्शन 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो रहा है।
5 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने एक व्यापक और बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। इस योजना में ऑनलाइन निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और संवेदनशील स्थानों पर कॉल रिकॉर्ड के विश्लेषण जैसे आधुनिक तरीके शामिल हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इंडिया गेट, पुलिस मुख्यालय (PHQ) या वहां जाने वाले रास्तों पर किसी भी तरह के जमावड़े की अनुमति नहीं दी गई है।
यह विरोध प्रदर्शन जुलाई के प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों, विशेष रूप से छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की विफलता के कारण आयोजित किया जा रहा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के खिलाफ कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है, लेकिन पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, इस प्रदर्शन का समय अत्यंत संवेदनशील है। 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से पहले सरकार राजधानी की छवि को सुरक्षित और व्यवस्थित रखना चाहती है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत निवारक कार्रवाई का उपयोग यह दर्शाता है कि प्रशासन अब नागरिक असंतोष को नियंत्रित करने के लिए अधिक सख्त कानूनी ढांचे का सहारा ले रहा है।
घरेलू विरोध प्रदर्शनों के लिए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और टावर डंप का उपयोग शहरी केंद्रों में 'प्रेडिक्टिव पुलिसिंग' की ओर एक बड़ा कदम है।
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की पुलिस के साथ समन्वय कर रही है ताकि प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में प्रवेश करने से पहले ही रोका जा सके। विशेष सेल (Special Cell) तकनीकी निगरानी प्रदान करेगा, जबकि ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, 5 सितंबर को विरोध स्थलों के 5 किलोमीटर के दायरे में फूड डिलीवरी और अन्य ऐप-आधारित सेवाओं को निलंबित किया जा सकता है।
CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि उनके मार्च हमेशा शांतिपूर्ण रहे हैं। उन्होंने राज्य के खिलाफ विरोध करने के लिए राज्य से ही अनुमति लेने की अवधारणा को "बेतुका" बताया। दास ने यह भी संकेत दिया कि सरकार के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उनसे संपर्क किया है, जो इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाता है।
| निगरानी उपकरण | उद्देश्य | दायरा |
|---|---|---|
| फेशियल रिकग्निशन (FRS) | पुराने प्रदर्शनकारियों की पहचान | जंतर मंतर/इंडिया गेट |
| ड्रोन/CCTV | भीड़ की रियल-टाइम निगरानी | शहर के संवेदनशील क्षेत्र |
| CDR/टावर डंप | संचार की ट्रैकिंग | स्पेशल सेल तकनीकी सहायता |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: इस मार्च के लिए दिल्ली पुलिस इतनी भारी सुरक्षा क्यों तैनात कर रही है?
सुरक्षा इसलिए बढ़ाई गई है क्योंकि यह प्रदर्शन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के ठीक पहले हो रहा है, जिसके लिए राजधानी में उच्चतम स्तर की सुरक्षा आवश्यक है।
प्रश्न 2: निवारक कार्रवाई के लिए किन कानूनी धाराओं का उपयोग किया जा रहा है?
पुलिस BNSS की धारा 107 और 116 का उपयोग निवारक कार्रवाई के लिए और धारा 163 का उपयोग निषेधाज्ञा जारी करने के लिए कर रही है।