एल नीनो के प्रभाव के कारण अगस्त 2026 तेलंगाना के लिए मानसून का सबसे खराब महीना रहा, जिसमें 38% बारिश की कमी दर्ज की गई। हैदराबाद और साइबरबाद जैसे शहरी क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है।
- अगस्त 2026 में सामान्य 215.8 मिमी के मुकाबले केवल 134.5 मिमी बारिश हुई।
- अगस्त 2025 (378.5 मिमी) की तुलना में इस वर्ष की बारिश में 64% की गिरावट आई।
- GHMC, CMC और MMC जैसे शहरी क्षेत्रों में जून से अगस्त तक 22% की कमी देखी गई।
- बंगाल की खाड़ी में बने तीन मौसम प्रणालियां उत्तर की ओर रहने के कारण तेलंगाना को लाभ नहीं मिला।
तेलंगाना राज्य ने अपने मानसून प्रदर्शन में भारी गिरावट देखी है, जिसमें अगस्त 2026 इस सीजन का सबसे खराब महीना साबित हुआ है। वैश्विक जलवायु घटना एल नीनो (El Niño) के कारण राज्य में बारिश में 38% की कमी आई है, जिसने क्षेत्र की जल सुरक्षा और कृषि अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर संकेत दिए हैं।
तेलंगाना डेवलपमेंट प्लानिंग सोसाइटी (TGDPS) के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में राज्य में केवल 134.5 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य औसत 215.8 मिमी था। यह गिरावट पिछले वर्ष की तुलना में और भी भयावह है; अगस्त 2025 में 378.5 मिमी बारिश हुई थी, जिसका अर्थ है कि इस वर्ष की बारिश पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 64% कम रही।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि बारिश के वितरण में अत्यधिक अस्थिरता—4 अगस्त को 13% अधिशेष से लेकर महीने के अंत तक 38% की कमी तक—एक अस्थिर वायुमंडलीय पैटर्न का संकेत है। यह अस्थिरता किसानों के लिए फसल चक्र की योजना बनाना लगभग असंभव बना देती है, जिससे ग्रामीण तेलंगाना में पैदावार में कमी और आर्थिक संकट पैदा हो सकता है।
IMD केंद्र, हैदराबाद के मौसम विज्ञानी जी.एन.आर.एस. श्रीनिवास के अनुसार, इसका मुख्य कारण मौसम प्रणालियों की स्थिति थी। अगस्त में बंगाल की खाड़ी में तीन प्रणालियां बनीं, लेकिन वे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में केंद्रित थीं और उत्तरी ओडिशा के आसपास घूमीं। परिणामस्वरूप, तेलंगाना इन प्रणालियों के प्रभाव क्षेत्र से बाहर रहा, जिससे मध्य और दक्षिणी जिलों में बारिश की भारी कमी रही।
"एल नीनो से प्रभावित आधुनिक मानसून चक्र में लंबे समय तक सूखा रहना और फिर अचानक भारी बारिश होना एक सामान्य लेकिन विनाशकारी विशेषता बनती जा रही है।"
शहरी क्षेत्रों पर इसका प्रभाव और भी अधिक रहा है। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC), साइबरबाद नगर निगम (CMC) और मलकाजगिरी नगर निगम (MMC) ने जून से अगस्त तक कुल 22% की कमी दर्ज की, जो जलवायु विसंगतियों के दौरान शहरी जल प्रबंधन प्रणालियों की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
| अवधि | सामान्य वर्षा (मिमी) | वास्तविक वर्षा (मिमी) | कमी (%) |
|---|---|---|---|
| अगस्त 2026 | 215.8 | 134.5 | 38% |
| जून-अगस्त 2026 | 573.5 | 473.8 | 17% |
| शहरी केंद्र (जून-अगस्त) | 459.7 | 359.6 | 22% |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: बंगाल की खाड़ी की प्रणालियों ने तेलंगाना की मदद क्यों नहीं की?
ये प्रणालियां बहुत अधिक उत्तर की ओर स्थित थीं, मुख्य रूप से उत्तरी ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित कर रही थीं, जिससे तेलंगाना हाशिए पर रह गया।
प्रश्न 2: पिछले साल की तुलना में यह स्थिति कैसी है?
अगस्त 2026 में अगस्त 2025 की तुलना में 64% कम बारिश हुई, जिसमें पिछले वर्ष 378.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।