बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण पश्चिम बंगाल के नौ जिलों में भारी बारिश और गरज के साथ तूफान की संभावना है, जिसमें कोलकाता भी शामिल है।

  • बांकुरा, पुरुलिया और दार्जिलिंग सहित 9 जिलों में भारी बारिश की संभावना।
  • दक्षिण बंगाल के लिए येलो अलर्ट जारी, हवा की गति 30-40 किमी/घंटा तक रह सकती है।
  • उत्तर बंगाल में शुक्रवार तक भारी वर्षा जारी रहने का अनुमान।

पश्चिम बंगाल में मौसम का मिजाज अभी भी बिगड़ा हुआ है क्योंकि निम्न दबाव का क्षेत्र अभी भी राज्य के ऊपर बना हुआ है। अलीपुर मौसम विभाग द्वारा सोमवार दोपहर जारी बुलेटिन के अनुसार, यह निम्न दबाव क्षेत्र गंगा क्षेत्र के पश्चिम बंगाल, निकटवर्ती उत्तरी ओडिशा तट और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है। इस क्षेत्र में एक चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) भी सक्रिय है।

दक्षिण बंगाल के लिए अगले 48 घंटे चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। पूरे दक्षिण बंगाल में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। विशेष रूप से बांकुरा, पुरुलिया, पश्चिम बर्धमान और बीरभूम जिलों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश होने की उम्मीद है। कोलकाता सहित अन्य जिलों में बिजली कड़कने के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

Why This Matters

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि मानसून के चरम समय में निम्न दबाव प्रणाली का बने रहना कोलकाता में शहरी जलभराव और पश्चिमी जिलों में कृषि गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है, जो स्थानीय परिवहन को बाधित कर सकता है।

बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव और मानसून ट्रफ का मिलन नमी के एक गलियारे का निर्माण कर रहा है, जिससे लंबे समय तक बारिश जारी रहेगी।

उत्तर बंगाल में भी स्थिति गंभीर है। मंगलवार को दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इन पांच उत्तरी जिलों के लिए शुक्रवार तक भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है और येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, यह बारिश सभी क्षेत्रों में एक समान नहीं होगी, लेकिन तेज हवाओं का जोखिम बना हुआ है।

आगामी पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार से अगले सोमवार तक दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मछुआरों के लिए सोमवार को समुद्र में जाने पर रोक थी, लेकिन मंगलवार से ऐसी कोई पाबंदी नहीं है, हालांकि मौसम की अस्थिरता को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

क्या आप जानते हैं?: अलीपुर मौसम केंद्र भारत के सबसे पुराने मौसम केंद्रों में से एक है, जो एक सदी से अधिक समय से पूर्वी भारत के लिए सटीक डेटा प्रदान कर रहा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: दक्षिण बंगाल के किन जिलों में सबसे अधिक बारिश होगी?
बांकुरा, पुरुलिया, पश्चिम बर्धमान और बीरभूम में 7-11 सेमी तक भारी बारिश की उम्मीद है।

प्रश्न 2: उत्तर बंगाल के लिए भारी बारिश की चेतावनी कब तक है?
दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जैसे उत्तरी जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट शुक्रवार तक प्रभावी है।