मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार द्वारा घोषित 'प्रजासेवा अभियान' का उद्देश्य प्रशासनिक सेवाओं को सीधे लोगों के घर तक पहुँचाना और शिकायतों का त्वरित निवारण करना है। यह अभियान राज्य के सभी तालुका और होबली स्तरों पर हर शनिवार आयोजित किया जाएगा।
- प्रजासेवा अभियान का शुभारंभ 5 सितंबर को विजयनगर जिले के कुडलगी से होगा।
- हर शनिवार को तालुका और होबली स्तर पर शिकायत निवारण बैठकें आयोजित की जाएंगी।
- AI-आधारित कॉल सेंटर और पेपरलेस ग्रिवेंस सिस्टम के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने राज्य में शासन और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल 'प्रजासेवा अभियान' की घोषणा की है। इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ 5 सितंबर को विजयनगर जिले के कुडलगी में किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक सेवाओं को आम जनता के दरवाजे तक ले जाना है ताकि सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म हो सके।
मुख्य सचिव शालिनी रजनीश द्वारा जारी एक आधिकारिक नोट के अनुसार, इन बैठकों का एक व्यवस्थित ढांचा तैयार किया गया है। महीने के पहले और तीसरे शनिवार को जिला प्रभारी मंत्री तालुका स्तर पर बैठकों की अध्यक्षता करेंगे, जबकि दूसरे और चौथे शनिवार को स्थानीय विधायक होबली स्तर पर शिकायतों की सुनवाई करेंगे। अगले तीन से चार महीनों के भीतर राज्य के सभी तालुकों और होबलियों को कवर करने के लिए एक विस्तृत कैलेंडर तैयार किया जा रहा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this shift toward 'hyper-local' governance is a strategic move to increase political accountability. By mandating the presence of Ministers and MLAs on specific Saturdays, the government is effectively decentralizing the grievance redressal process, which traditionally suffered from bureaucratic delays at the state capital level.
"The integration of AI-driven notification systems with grassroots administration marks a significant leap in digital governance for rural India."
अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सूचना प्रसार पर विशेष जोर दिया गया है। बैठक से 15 दिन पहले घर-घर जाकर हैंडबिल बांटे जाएंगे, जिनमें आवेदन का प्रारूप और आवश्यक दस्तावेजों की सूची होगी। इसके अलावा, नागरिक अपनी शिकायतें हेल्पलाइन नंबर 1902 पर दर्ज करा सकते हैं या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
तकनीकी मोर्चे पर, सरकार एक AI-आधारित कॉल सेंटर स्थापित कर रही है जो जनता को बैठक के समय, स्थान और अध्यक्षता करने वाले प्रतिनिधि की जानकारी देगा। एक डेटा-आधारित और पेपरलेस एकीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की गई है, जिससे शिकायतों की ट्रैकिंग आसान होगी। हर बुधवार को तीन स्तरों पर आवेदनों की समीक्षा की जाएगी, और यदि कोई शिकायत अनसुलझी रहती है, तो वह स्वचालित रूप से उच्च अधिकारियों के पास भेज दी जाएगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: प्रजासेवा अभियान में आवेदन कैसे करें?
नागरिक घर-घर बांटे गए हैंडबिल के माध्यम से, ऑनलाइन पोर्टल के जरिए या हेल्पलाइन नंबर 1902 पर कॉल करके आवेदन कर सकते हैं।
प्रश्न 2: शिकायतों की निगरानी कैसे की जाएगी?
एक पेपरलेस एकीकृत प्रणाली विकसित की गई है जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं और अनसुलझी शिकायतें ऑटो-एस्केलेट होंगी।