कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती घोटाले में CID ने एक प्रमुख बिचौलिए और कथित भाजपा नेता बसवराज कन्नले को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है।

  • CID ने कथित भाजपा नेता बसवराज कन्नले को दिल्ली से गिरफ्तार किया।
  • पूर्व परीक्षा नियंत्रक IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
  • आरोपी पर उम्मीदवारों और प्रभावशाली व्यक्तियों के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है।
  • बिदर जिले के भलकी में आरोपी के दो ठिकानों पर छापेमारी की गई।

बेंगलुरु: कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में हुए कथित घोटाले की जांच कर रही अपराध जांच विभाग (CID) ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई की। CID ने बसवराज कन्नले को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर बिदर जिले के भलकी के एक स्थानीय भाजपा नेता हैं। सूत्रों के अनुसार, कन्नले को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया और उन्हें इस पूरे घोटाले का एक मुख्य सूत्रधार (किंगपिन) माना जा रहा है।

इस गिरफ्तारी ने मामले को अत्यधिक राजनीतिक बना दिया है। केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने इस घोटाले को लेकर गृह मंत्री प्रीयंक खड़गे को निशाने पर लिया है। वहीं, कांग्रेस पार्टी भाजपा पर हमला बोल रही है, क्योंकि उनका दावा है कि जिन अधिकारियों की नियुक्ति के दौरान यह घोटाला हुआ, वे भाजपा शासनकाल में नियुक्त किए गए थे।

इससे पहले रविवार को CID ने KPSC के पूर्व परीक्षा नियंत्रक और IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को गिरफ्तार किया था। सोमवार को कन्नले और गंगवार दोनों को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल प्रशासनिक भ्रष्टाचार का नहीं है, बल्कि यह भर्ती प्रक्रियाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप के गहरे नेटवर्क को उजागर करता है। जब उच्च पदों पर बैठे IAS अधिकारी और राजनीतिक नेता मिलकर एक 'सिंडिकेट' बनाते हैं, तो यह योग्य उम्मीदवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करता है और लोकतांत्रिक संस्थाओं के विश्वास को कमजोर करता है।

"सरकारी नियुक्तियों में बिचौलियों का प्रवेश यह दर्शाता है कि योग्यता आधारित चयन प्रणाली में गंभीर खामियां हैं जिन्हें केवल कठोर कानूनी कार्रवाई से ही सुधारा जा सकता है।"

जांच में यह बात सामने आई है कि बसवराज कन्नले को अगस्त 2025 में तुमकुर विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था। बताया जा रहा है कि दिल्ली में UPSC कोचिंग के दौरान कन्नले ने कई प्रभावशाली राजनीतिक संपर्कों विकसित किए, जिनका उपयोग उन्होंने बाद में नौकरी चाहने वाले उम्मीदवारों और सत्तासीन लोगों के बीच पुल के रूप में किया।

CID ने अब कन्नले के बिदर जिले के भलकी तालुका स्थित दो घरों पर छापेमारी की है। इनमें डोनागपुर गांव का उनका निवास और भलकी शहर की लेक्चरर कॉलोनी स्थित एक अन्य घर शामिल है। जांच अधिकारी अब उन वित्तीय लेन-देन और करोड़ों रुपये की संपत्तियों की जांच कर रहे हैं, जिन्हें इस भर्ती घोटाले से अर्जित माना जा रहा है।

क्या आप जानते हैं?: KPSC कर्नाटक राज्य की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती संस्था है, और इसमें किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार राज्य के प्रशासनिक ढांचे को सीधे प्रभावित करता है।

Frequently Asked Questions

1. बसवराज कन्नले कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
बसवराज कन्नले बिदर का एक स्थानीय भाजपा नेता और तुमकुर विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य हैं। उन्हें KPSC पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती घोटाले में मुख्य बिचौलिए के रूप में कार्य करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

2. इस मामले में कौन-कौन से बड़े अधिकारी शामिल हैं?
इस घोटाले में KPSC के पूर्व परीक्षा नियंत्रक और IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को भी गिरफ्तार किया गया है।