दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने जामा मस्जिद के आसपास के क्षेत्रों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण को हटाने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है।

  • एमसीडी ने जामा मस्जिद के पास उत्तर और दक्षिण पार्क में प्रवर्तन कार्रवाई की।
  • यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा आदेशित दो महीने के सर्वेक्षण के बाद की गई है।
  • अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा स्टेशन और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों को निशाना बनाया गया।
  • इसका उद्देश्य प्राचीन स्मारक अधिनियम, 1958 के तहत स्मारक की सुरक्षा करना है।

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने ऐतिहासिक जामा मस्जिद के आसपास के संवेदनशील क्षेत्र में एक बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत किए गए दो महीने लंबे सर्वेक्षण का परिणाम है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित करना और राष्ट्रीय महत्व के स्मारक की गरिमा को बनाए रखना है।

नगर निगम के एक बयान के अनुसार, यह अभियान मुख्य रूप से मस्जिद के बगल में स्थित उत्तर और दक्षिण पार्क क्षेत्रों में चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि "अनधिकृत और अस्थायी संरचनाओं" को हटा दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और संबंधित हितधारकों का सहयोग प्राप्त हुआ। वर्तमान में मलबे को हटाने का काम जारी है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह कदम केवल सफाई अभियान नहीं है, बल्कि प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 का कानूनी कार्यान्वयन है। चूंकि जामा मस्जिद एक संरक्षित स्मारक है, इसलिए इसके विनियमित और प्रतिबंधित क्षेत्रों में कोई भी अनधिकृत निर्माण कानूनी अपराध है। अदालत का हस्तक्षेप यह दर्शाता है कि विरासत स्थलों के व्यावसायिक शोषण के प्रति न्यायपालिका अब बेहद सख्त है।

"पुरानी दिल्ली में विरासत संरक्षण और शहरी अतिक्रमण के बीच का टकराव केवल छिटपुट अभियानों से नहीं, बल्कि एक स्थायी प्रशासनिक समाधान से सुलझेगा।"

इस पूरे मामले की शुरुआत जनवरी में स्थानीय निवासियों द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) से हुई थी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि क्षेत्र में अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन और एक "बिना लाइसेंस" वाला मेडिकेयर अस्पताल जैसे अवैध निर्माण हो रहे हैं। इसके अलावा, मस्जिद के शाही इमाम सैयद बुखारी द्वारा संचालित एक अनधिकृत भोजनालय का मुद्दा भी उठाया गया था।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले ही एमसीडी को चेतावनी दी थी कि यदि सर्वेक्षण के दौरान कोई भी अवैध निर्माण या उपयोग पाया जाता है, तो कानून के तहत त्वरित और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि एमसीडी का दावा था कि वे नियमित अभियान चलाते हैं, लेकिन अदालत के आदेश ने उन्हें अधिक व्यवस्थित तरीके से काम करने पर मजबूर किया।

क्या आप जानते हैं?: प्राचीन स्मारक अधिनियम 1958 के तहत, संरक्षित स्मारकों के चारों ओर 100 मीटर का 'प्रतिबंधित क्षेत्र' और 200 मीटर का 'विनियमित क्षेत्र' होता है, जहाँ निर्माण कार्य बेहद सीमित होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: जामा मस्जिद के पास एमसीडी की कार्रवाई का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: यह कार्रवाई स्थानीय निवासियों द्वारा दायर एक PIL और उसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के कारण हुई।

p>प्रश्न 2: किन अवैध संरचनाओं को हटाया गया?
उत्तर: मुख्य रूप से अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन, बिना लाइसेंस वाले अस्पताल और अनधिकृत दुकानों को हटाया गया।