चुनाव आयोग द्वारा दिल्ली और महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जा रही है, जिसमें करोड़ों मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हैं। प्रभावित नागरिक 30 सितंबर तक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।

  • दिल्ली में लगभग 47.7 लाख और महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाता ड्राफ्ट रोल से बाहर।
  • मृतकों, डुप्लीकेट प्रविष्टियों और अनुपस्थित लोगों के नाम हटाए गए हैं।
  • योग्य मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।
  • दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सोमवार को जारी होने वाले ड्राफ्ट रोल में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। दिल्ली में करीब 47.7 लाख और महाराष्ट्र में लगभग 2.07 करोड़ मतदाताओं के नाम फिलहाल इस सूची में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम सूची नहीं है और योग्य नागरिकों के पास सुधार का पूरा अवसर है।

दिल्ली की स्थिति पर गौर करें तो कुल 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से केवल 97.5 लाख लोगों का घर-घर सत्यापन (Door-to-Door Verification) पूरा हो सका है, जिन्हें डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। शेष 47.7 लाख लोगों को विभिन्न कारणों जैसे कि मृत्यु, स्थायी पलायन, डुप्लीकेट प्रविष्टियों या सत्यापन के दौरान अनुपस्थिति के कारण ड्राफ्ट रोल से बाहर रखा गया है।

महाराष्ट्र में यह संख्या और भी अधिक चिंताजनक है, जहां करीब 2.07 करोड़ वोटरों के फॉर्म जमा न हो पाने के कारण उनके नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं दिख रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इसमें से लगभग 34 लाख मतदाता मृत पाए गए हैं और 17 लाख रिकॉर्ड डुप्लीकेट थे, जो चुनावी पारदर्शिता के लिए हटाए गए हैं।

BozokMedia analysis shows कि यह व्यापक सफाई प्रक्रिया आगामी चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। फर्जी वोटिंग और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर निर्वाचन आयोग एक 'शुद्ध' मतदाता सूची तैयार करना चाहता है। हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर नामों का बाहर होना प्रशासनिक चुनौती पेश करता है, क्योंकि लाखों वास्तविक मतदाताओं को अब पुनः आवेदन करना होगा।

"वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है, लेकिन यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि कोई भी वास्तविक नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।"

यदि किसी योग्य मतदाता का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है। 30 सितंबर तक प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की गहन जांच की जाएगी, जिसके बाद ही अंतिम सूची जारी होगी।

राज्य बाहर किए गए संभावित नाम मुख्य कारण अंतिम सूची तिथि
दिल्ली 47.7 लाख सत्यापन की कमी, मृत्यु, डुप्लीकेट 4 नवंबर 2026
महाराष्ट्र 2.07 करोड़ फॉर्म जमा न होना, मृत्यु, डुप्लीकेट घोषित नहीं
क्या आप जानते हैं?: भारत में मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक निरंतर प्रक्रिया है, लेकिन 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाता है ताकि डेटा की सटीकता 100% हो सके।

प्रश्न 1: क्या ड्राफ्ट लिस्ट से नाम हटने का मतलब है कि मैं अब वोट नहीं दे सकता?
उत्तर: नहीं, यह केवल एक प्रारंभिक सूची है। आप 30 सितंबर तक दावा पेश कर अपना नाम वापस जुड़वा सकते हैं।

प्रश्न 2: नाम जुड़वाने के लिए कौन सा फॉर्म भरना होगा?
उत्तर: नए नाम के पंजीकरण या छूटे हुए नाम को जोड़ने के लिए फॉर्म-6 का उपयोग किया जाता है।