तमिलनाडु विधानसभा में 261 करोड़ रुपये के चेन्नई ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट के भविष्य को लेकर TVK और DMK के बीच राजनीतिक युद्ध छिड़ गया है। जहाँ विपक्ष ने इसे रद्द करने का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने इसे 'पुनर्गठित' करने का दावा किया है।
- 261 करोड़ रुपये की लागत वाले चेन्नई ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट पर विधानसभा में विवाद।
- खेल मंत्री आदव अर्जुन ने स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट रद्द नहीं, बल्कि 'पुनर्गठित' (Restructure) किया जा रहा है।
- सरकार 42 अलग-अलग खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक मानकों के अनुसार नई DPR तैयार कर रही है।
- विपक्ष ने पूर्व सरकार के वादों और कार्यान्वयन में देरी पर सवाल उठाए।
तमिलनाडु विधानसभा में उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब विपक्ष के नेता उधयनिधि स्टालिन और खेल मंत्री आदव अर्जुन के बीच 261 करोड़ रुपये के चेन्नई ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। यह विवाद सेमन्चेरी में प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के भविष्य को लेकर शुरू हुआ, जिसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस साल की शुरुआत में आधारशिला रखी थी।
उधयनिधि स्टालिन ने विधानसभा में आरोप लगाया कि जिस तरह सरकार ने परंदुर हवाई अड्डे की परियोजना को रद्द किया, उसी तरह ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को भी चुपचाप खत्म कर दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 128 एकड़ में फैले इस स्पोर्ट्स सिटी का उद्देश्य ओलंपिक स्तर के एथलीटों को प्रशिक्षित करना और चेन्नई में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बुनियादी ढांचा तैयार करना था।
जवाब में, खेल मंत्री आदव अर्जुन ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि परियोजना को पूरी तरह से रद्द नहीं किया गया है, बल्कि इसे बेहतर बनाने के लिए पुनर्गठित किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि परियोजना के लिए निर्धारित भूमि तमिलनाडु खेल विकास प्राधिकरण (SDAT) के पास ही रहेगी और इसे किसी अन्य एजेंसी को नहीं सौंपा जाएगा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल एक प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तमिलनाडु की खेल नीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। TVK सरकार अब केवल बुनियादी ढांचे के बजाय 'ओलंपिक मानक' (Olympic Standards) पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि राज्य के एथलीट वैश्विक स्तर पर पदक जीत सकें। यह राजनीतिक टकराव राज्य के भविष्य के खेल बजट और प्राथमिकताओं को निर्धारित करेगा।
मंत्री आदव अर्जुन ने खुलासा किया कि मूल विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में वाटर स्पोर्ट्स, तीरंदाजी केंद्र, स्केटबोर्डिंग और बीएमएक्स ट्रैक शामिल थे। अब सरकार एक नई DPR तैयार कर रही है जिसमें लगभग 42 खेलों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि संशोधित योजना को मंजूरी मिलने के छह महीने के भीतर काम शुरू हो जाएगा।
"तमिलनाडु को केवल स्टेडियमों की नहीं, बल्कि एक ऐसी एकीकृत खेल नीति की आवश्यकता है जो जमीनी स्तर से ओलंपिक पोडियम तक एथलीटों का मार्गदर्शन करे।"
बहस के दौरान, खेल मंत्री ने DMK सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने घोषणा तो की थी, लेकिन टेंडर केवल 8 जनवरी, 2026 को जारी किया गया, जिससे पता चलता है कि पिछले पांच वर्षों में कोई ठोस काम नहीं हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के निधन के बाद से राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कोई बुनियादी ढांचा विकसित नहीं हुआ है।
इसके जवाब में उधयनिधि स्टालिन ने पलटवार करते हुए वर्तमान TVK मंत्री के.ए. सेंगोट्टियन का जिक्र किया, जो पहले खेल मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने चुनौती दी कि सेंगोट्टियन खुद बताएं कि उनके कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय बुनियादी ढांचे के लिए क्या किया गया।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या चेन्नई ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट रद्द कर दिया गया है?
नहीं, खेल मंत्री के अनुसार इसे रद्द नहीं किया गया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पुनर्गठित किया जा रहा है।
प्रश्न 2: नई योजना में क्या बदलाव किए जा रहे हैं?
सरकार अब 42 विभिन्न खेलों के लिए ओलंपिक स्तर की सुविधाएं विकसित करने हेतु एक नई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रही है।