यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने और विवादास्पद संशोधित प्रोत्साहन योजना (PLI) को वापस लेने की मांग को लेकर 11 सितंबर से हड़तालों की श्रृंखला शुरू करने की घोषणा की है।

  • 11 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल, उसके बाद 28-30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।
  • मुख्य मांगें: पांच-दिवसीय बैंकिंग कार्य सप्ताह का कार्यान्वयन और संशोधित प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना की वापसी।
  • यूनियनों का आरोप है कि नई PLI योजना केवल वरिष्ठ अधिकारियों (स्केल IV-VII) को लाभ पहुंचाती है, जबकि 95% कर्मचारी उपेक्षित हैं।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU), जो बैंकिंग कार्यबल के 90% से अधिक का प्रतिनिधित्व करता है, ने लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, यूनियन नेताओं ने 11 सितंबर, 2026 से चरणबद्ध तरीके से हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। इस फोरम में AIBEA, AIBOC और NCBE जैसे सात प्रमुख संगठन शामिल हैं, जो सार्वजनिक, निजी, विदेशी और सहकारी बैंकों के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

विवाद का मुख्य केंद्र पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग है। यूनियनों के अनुसार, बैंक 2015 में ही सैद्धांतिक रूप से इस पर सहमत हो गए थे, जिसके बाद दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश घोषित किया गया था। 8 मार्च, 2024 को हस्ताक्षरित वेतन समझौते के तहत, कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हुए ताकि ग्राहकों की सेवा प्रभावित न हो। हालांकि, यूनियनों का दावा है कि वित्त मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को दो साल से अधिक समय से लंबित रखा है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल छुट्टियों के बारे में नहीं है, बल्कि वित्तीय क्षेत्र में सामूहिक सौदेबाजी की शक्ति के कम होने के बारे में है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), LIC और NABARD जैसे संस्थान पहले से ही पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह का पालन कर रहे हैं। सामान्य बैंकिंग कर्मचारियों के लिए इसे लागू न करना आधुनिक श्रम मानकों की अनदेखी माना जा रहा है।

एक अन्य बड़ा मुद्दा प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना है। मूल रूप से, यह एक समान प्रणाली थी जिसमें हाउसकीपिंग स्टाफ से लेकर महाप्रबंधक तक सभी के लिए प्रोत्साहन 1 से 15 दिनों के वेतन तक था। लेकिन नवंबर 2024 में, वित्तीय सेवा विभाग ने स्केल IV से VII के अधिकारियों के लिए एक संशोधित फॉर्मूला पेश किया। यूनियनों का आरोप है कि इस नए नियम से वरिष्ठ अधिकारियों को 365 दिनों तक का वेतन प्रोत्साहन मिल सकता है, जबकि शेष 95% कर्मचारियों के लिए यह सीमा केवल 15 दिन है।

वरिष्ठ प्रबंधन के प्रोत्साहनों और प्रवेश स्तर के पुरस्कारों के बीच बढ़ता अंतर एक विषाक्त कार्य संस्कृति पैदा करता है जो सार्वजनिक सेवा बैंकिंग की भावना को कमजोर करता है।

यूनियनों का तर्क है कि यह संशोधित योजना भेदभावपूर्ण है और औद्योगिक विवाद अधिनियम के यथास्थिति (Status Quo) नियम का उल्लंघन करती है, क्योंकि यह मामला वर्तमान में मुख्य श्रम आयुक्त और दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है। यह तनाव तब बढ़ा जब 21 अगस्त, 2026 को सरकार ने बैंकों को इस फॉर्मूले को लागू करने का निर्देश दिया।

विशेषता मूल PLI योजना संशोधित PLI योजना (स्केल IV-VII)
पात्रता सभी कर्मचारी (हाउसकीपिंग से GM तक) केवल वरिष्ठ अधिकारी (स्केल IV-VII)
अधिकतम प्रोत्साहन 15 दिनों का वेतन 365 दिनों तक का वेतन
प्रकृति समान/सामूहिक व्यक्तिगत प्रदर्शन आधारित
क्या आप जानते हैं?: UFBU लगभग 8 लाख कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है, जो इसे भारतीय वित्तीय परिदृश्य के सबसे शक्तिशाली श्रम गठबंधनों में से एक बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या 11 सितंबर को बैंक बंद रहेंगे?
हाँ, UFBU ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है, जिससे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकिंग कार्यों में व्यवधान आने की संभावना है।

प्रश्न 2: पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह से ग्राहकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों की सेवा प्रभावित नहीं होगी क्योंकि कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करेंगे।