कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर मनरेगा जैसी जीवनरेखा योजना को खत्म कर 'विकसित भारत गारंटी' के नाम पर गरीबों के रोजगार अधिकारों को छीनने का गंभीर आरोप लगाया है।

  • कांग्रेस ने आरोप लगाया कि VB-G RAM G अधिनियम ने मनरेगा के रोजगार गारंटी अधिकार को समाप्त कर दिया है।
  • बल्लिया जिले के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया गया कि लक्ष्य के मुकाबले बहुत कम कार्यदिवस प्रदान किए गए।
  • विपक्ष ने नए कानून के तहत मजदूरी को बेहद कम बताया है और पुराने मनरेगा को बहाल करने की मांग की है।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि सरकार ने देश के गरीबों की 'जीवनरेखा' माने जाने वाले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को योजनाबद्ध तरीके से नष्ट कर दिया है। कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि सरकार का वास्तविक उद्देश्य गरीबों के मुंह से निवाला छीनकर पूंजीपतियों की तिजोरियां भरना है।

जयराम रमेश ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के बल्लिया जिले का उदाहरण दिया, जहां विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (VB G RAM G) के प्रति जॉब कार्ड धारकों में भारी निराशा देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि बल्लिया में 1.76 लाख मानव-दिवस कार्य के लक्ष्य के मुकाबले पिछले दो महीनों में केवल 10,669 दिनों का काम उपलब्ध कराया गया, जो सरकारी दावों की पोल खोलता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल नाम बदलने का नहीं, बल्कि कानूनी गारंटी का है। मनरेगा एक कानूनी अधिकार था, जबकि नया VB G RAM G अधिनियम इस गारंटी को कमजोर कर सकता है। यदि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की कानूनी गारंटी खत्म होती है, तो इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पलायन पर पड़ेगा।

"ग्रामीण रोजगार गारंटी का अंत न केवल गरीबी उन्मूलन प्रयासों को पीछे ले जाएगा, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा के ढांचे पर भी प्रहार है।"

कांग्रेस ने तर्क दिया कि 1 जुलाई से लागू हुए इस नए अधिनियम के तहत मजदूरी दरें अन्यायपूर्ण रूप से कम हैं। विपक्ष ने मांग की है कि डॉ. अनूप सतपथी की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति की 2019 की सिफारिशों को अपनाया जाए और महंगाई दर के अनुसार न्यूनतम मजदूरी तय की जाए।

ऐतिहासिक रूप से, मनरेगा को यूपीए सरकार द्वारा ग्रामीण भारत में गरीबी कम करने और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए पेश किया गया था। यह दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक रही है, जिसने लाखों परिवारों को सूखे और संकट के समय वित्तीय सहारा दिया है।

विशेषता मनरेगा (MGNREGA) VB-G RAM G अधिनियम
प्रकृति कानूनी रोजगार गारंटी मिशन-आधारित दृष्टिकोण
मुख्य उद्देश्य न्यूनतम 100 दिन का काम आजीविका और कौशल विकास
विपक्ष का दावा गरीबों की जीवनरेखा पूंजीपतियों के हित में बदलाव
क्या आप जानते हैं?: मनरेगा दुनिया की सबसे बड़ी कार्य गारंटी योजना है, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में 'अधिकार-आधारित' रोजगार प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया था।

Frequently Asked Questions

1. VB-G RAM G अधिनियम क्या है?
यह एक नया कानून है जिसने 1 जुलाई से मनरेगा का स्थान लिया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण रोजगार और आजीविका को विकसित भारत के विजन से जोड़ना है।

2. कांग्रेस की मुख्य मांग क्या है?
कांग्रेस चाहती है कि इस नए कानून को निरस्त किया जाए और एक मजबूत, संशोधित मनरेगा को वापस लाया जाए जिसमें उचित न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित हो।