दिल्ली की विशेष गहन संशोधन (SIR) सूची से 47.58 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की तैयारी है। आंकड़ों से पता चला है कि जिन जिलों में 2025 के चुनावों में मतदान कम था, वहां नाम हटाने की दर सबसे अधिक रही है।

  • दिल्ली के ड्राफ्ट रोल से 47.58 लाख 'अनकलेक्टेबल' मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं।
  • दक्षिण-पूर्व जिला 43.61% की उच्चतम कटौती दर के साथ शीर्ष पर है।
  • कम मतदान वाले क्षेत्रों में नामों के हटाए जाने का प्रतिशत अधिक देखा गया है।
  • अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।

दिल्ली के निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए चलाए गए विशेष गहन संशोधन (SIR) के ड्राफ्ट रोल से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के उन प्रशासनिक जिलों में नामों की कटौती सबसे अधिक हुई है, जहां 2025 के विधानसभा चुनावों में मतदान का प्रतिशत सबसे कम था। यह रुझान स्पष्ट करता है कि मतदाता सक्रियता और मतदाता सूची की सटीकता के बीच गहरा संबंध है।

विस्तृत आंकड़ों पर नजर डालें तो दक्षिण-पूर्व (South East) जिला इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां 43.61% नामों की कटौती दर्ज की गई है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल के विधानसभा चुनावों में इसी जिले में सबसे कम 56.4% मतदान हुआ था। इसी तरह, नई दिल्ली जिले में 57.23% मतदान रहा और यहां 39.02% नाम हटाए गए, जबकि दक्षिण दिल्ली में 58.2% मतदान के मुकाबले 38.64% कटौती देखी गई।

इसके विपरीत, जिन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत अधिक था, वहां कटौती कम रही। उत्तर-पूर्व (Northeast) जिले में 66.25% मतदान हुआ और यहां केवल 29.03% नाम हटाए गए। वहीं, दक्षिण-पश्चिम (Southwest) जिले में 61.09% मतदान के साथ 26.81% की कटौती दर्ज की गई। सबसे कम कटौती दर बाहरी उत्तर (Outer North) जिले में 24.32% रही।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह डेटा केवल प्रशासनिक सफाई नहीं है, बल्कि यह शहरी प्रवासन (Migration) और मतदाता उदासीनता के पैटर्न को दर्शाता है। जिन क्षेत्रों में लोग अधिक शिफ्ट हुए हैं या जहां मृत्यु दर अधिक रही है, वहां 'अनकलेक्टेबल' मतदाताओं की संख्या बढ़ गई है। यह चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है क्योंकि लाखों मतदाताओं की पात्रता अब दांव पर है।

"मतदाता सूची का यह व्यापक शुद्धिकरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाता है, लेकिन यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी वास्तविक मतदाता प्रक्रियात्मक त्रुटि के कारण मताधिकार से वंचित न रह जाए।"

इस पूरी प्रक्रिया के तहत, बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) ने लगभग 1.5 महीने तक घर-घर जाकर फॉर्म भरे। कुल 97.5 लाख मतदाताओं (लगभग 67%) के फॉर्म एकत्र कर पोर्टल पर अपलोड किए गए, जबकि शेष 47.58 लाख मतदाताओं को 'अनकलेक्टेबल' श्रेणी में रखा गया। इस श्रेणी में वे लोग शामिल हैं जो घर पर नहीं मिले, शिफ्ट हो चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है।

जिला (District) 2025 मतदान % कटौती दर (Deletion %)
दक्षिण-पूर्व 56.4% 43.61%
नई दिल्ली 57.23% 39.02%
उत्तर-पूर्व 66.25% 29.03%
बाहरी उत्तर - 24.32%

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह अभी ड्राफ्ट रोल है। जिन मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं, उन्हें अंतिम सूची प्रकाशित होने से पहले अपना नाम पुनः जुड़वाने का अवसर दिया जाएगा।

क्या आप जानते हैं?: चुनाव आयोग दिल्ली के 70 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों को आमतौर पर 11 राजस्व जिलों में बांटता है, लेकिन SIR 2026 के लिए इसे 13 प्रशासनिक चुनावी डिवीजनों में विभाजित किया गया है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यदि मेरा नाम मतदाता सूची से हट गया है तो मैं क्या करूँ?
उत्तर: आप अंतिम मतदाता सूची (4 नवंबर) के प्रकाशन से पहले चुनाव आयोग के पोर्टल या BLO के माध्यम से नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

प्रश्न 2: 'अनकलेक्टेबल' मतदाता किसे कहा जाता है?
उत्तर: वे मतदाता जो सत्यापन के दौरान अनुपस्थित थे, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए, या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उन्हें अनकलेक्टेबल माना जाता है।