भारत ने 1901 के बाद अपना सबसे गर्म अगस्त दर्ज किया है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि एल नीनो के प्रभाव से सितंबर में सामान्य से 9% कम बारिश हो सकती है।
- भारत ने 1901 के बाद का सबसे गर्म अगस्त दर्ज किया, औसत तापमान 28.01°C रहा।
- सितंबर में बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) से 9% कम रहने का अनुमान है।
- प्रशांत महासागर में मजबूत होता 'एल नीनो' इस बदलाव का मुख्य कारण है।
- अगस्त में बारिश की भारी कमी देखी गई, जो 2001 के बाद सबसे खराब स्थिति है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने इस साल अगस्त के महीने में भीषण गर्मी का सामना किया है। 1901 के बाद यह सबसे गर्म अगस्त रहा है, जहाँ औसत मासिक तापमान 28.01 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सामान्यतः अगस्त का औसत तापमान 27.34 डिग्री सेल्सियस रहता है। केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी असामान्य रूप से गर्म रहीं, जहाँ औसत तापमान 24.36 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सामान्यतः यह 23.68 डिग्री सेल्सियस होता है।
गर्मी के साथ-साथ बारिश के पैटर्न में भी भारी गिरावट देखी गई। 1 से 26 अगस्त के बीच बंगाल की खाड़ी में चार कम दबाव के क्षेत्र बने, लेकिन इनका लाभ केवल गंगा के मैदानी इलाकों को मिला। देश के बाकी हिस्सों में बारिश की भारी कमी रही, जिससे 2001 के बाद अगस्त में सबसे कम औसत बारिश (213.3 मिमी) दर्ज की गई है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, रिकॉर्ड गर्मी और बारिश की कमी का यह मेल भारत की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर खतरा है। जब मानसून का वितरण असमान होता है, तो फसल की पैदावार गिर जाती है, जिससे खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) बढ़ती है। 123 साल का यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि जलवायु परिवर्तन अब केवल एक भविष्य की चेतावनी नहीं, बल्कि वर्तमान की वास्तविकता है।
"मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में एल नीनो का मजबूत होना भारतीय मानसून को कमजोर कर रहा है और सतह के तापमान को बढ़ा रहा है।"
सितंबर महीने का पूर्वानुमान भी राहत देने वाला नहीं है। IMD के अनुसार, सितंबर में बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) से लगभग 9 प्रतिशत कम हो सकती है। LPA वह औसत है जिसे 30 से 50 वर्षों के आंकड़ों के आधार पर निर्धारित किया जाता है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिससे आने वाले महीनों में तापमान बढ़ने और बारिश घटने की संभावना है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: क्या है एल नीनो?
एल नीनो (El Niño) प्रशांत महासागर में होने वाली एक जलवायु घटना है। सामान्यतः, पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवाएं गर्म पानी को इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया की ओर धकेलती हैं। लेकिन एल नीनो के दौरान ये हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं, जिससे गर्म पानी दक्षिण अमेरिकी तट की ओर वापस आ जाता है। स्पेनिश भाषा में 'एल नीनो' का अर्थ है 'छोटा लड़का'। इस घटना के कारण वैश्विक स्तर पर मौसम बदल जाता है, जिससे भारत जैसे देशों में सूखा और अन्य क्षेत्रों में अत्यधिक बाढ़ आती है।
| मापदंड | ऐतिहासिक औसत (अगस्त) | वर्तमान वर्ष (अगस्त) |
|---|---|---|
| औसत दिन का तापमान | 27.34°C | 28.01°C |
| औसत रात का तापमान | 23.68°C | 24.36°C |
| बारिश की स्थिति | सामान्य LPA | 2001 के बाद सबसे कम |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: मौसम विज्ञान में LPA का क्या अर्थ है?
LPA का अर्थ है 'लॉन्ग पीरियड एवरेज'। यह एक निश्चित समय अवधि (जैसे महीना या सीजन) के लिए 30 से 50 साल के औसत बारिश के आंकड़ों को दर्शाता है।
प्रश्न 2: अगस्त में बारिश की कमी के बावजूद कुछ हिस्सों में बारिश क्यों हुई?
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्रों के कारण बारिश मुख्य रूप से गंगा के मैदानी इलाकों तक सीमित रही, जबकि देश के अन्य हिस्से सूखे रहे।